ठियोग: प्री-ग्रामीण इन्क्यूबेशन केंद्र, राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) ठियोग में RAMP योजना के तहत बुधवार को द्वितीय जिला स्तरीय सेंसिटाइजेशन कार्यशाला का आयोजन किया गया। हिमाचल प्रदेश उद्यमिता विकास केंद्र (HPCED) और उद्योग विभाग के सहयोग से आयोजित कार्यशाला में द प्लैनेट एजुकेशन सोसाइटी, पांवटा साहिब ने भी सहयोग किया।
कार्यशाला का उद्देश्य ग्रामीण युवाओं, विद्यार्थियों, स्वयं सहायता समूहों (SHGs) तथा स्थानीय युवाओं को उद्यमिता, स्वरोजगार, स्टार्टअप और सूक्ष्म एवं लघु व्यवसायों के अवसरों के प्रति जागरूक करना रहा।
प्रतिभागियों को बताया गया कि स्वरोजगार न केवल रोजगार प्राप्त करने का माध्यम है, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा करने का प्रभावी जरिया भी है। युवाओं को स्थानीय संसाधनों और अपने कौशल का उपयोग कर छोटे व्यवसाय शुरू करने तथा उन्हें आगे बढ़ाने की संभावनाओं की जानकारी दी गई।
इस दौरान प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP), प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना सहित विभिन्न सरकारी योजनाओं के बारे में विस्तार से बताया गया। प्रतिभागियों को योजनाओं के तहत उपलब्ध ऋण, सब्सिडी, प्रशिक्षण, कौशल विकास और अन्य सहायता के प्रावधानों से अवगत करवाया गया। उन्हें बताया गया कि इन योजनाओं का लाभ लेकर युवा अपने व्यवसायिक विचारों को उद्यम में बदल सकते हैं।
कार्यशाला में करीब 110 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। इनमें आईटीआई ठियोग के विद्यार्थी, स्वयं सहायता समूहों के सदस्य, स्थानीय युवा और संस्थान का स्टाफ शामिल रहा। विशेषज्ञों ने व्यवसाय शुरू करने की प्रक्रिया, स्थानीय संसाधनों पर आधारित व्यवसायिक संभावनाओं, बिजनेस आइडिया विकसित करने और उद्यमिता की मानसिकता विकसित करने को लेकर मार्गदर्शन दिया।
प्रतिभागियों को सरकारी योजनाओं से जुड़ने की प्रक्रिया की जानकारी देने के साथ प्री-ग्रामीण इन्क्यूबेशन केंद्र के माध्यम से आगे भी प्रशिक्षण, मार्गदर्शन और हैंडहोल्डिंग सपोर्ट उपलब्ध करवाने की जानकारी दी गई।
कार्यशाला में सीनियर इंस्ट्रक्टर अनीता कुमारी, डीआईसी ठियोग के एक्सटेंशन ऑफिसर सुरेंद्र शर्मा, नोडल अधिकारी एवं इंस्ट्रक्टर राम लाल, इंस्ट्रक्टर मीन चंद, द प्लैनेट एजुकेशन सोसाइटी के सहायक प्रबंधक हर्ष कुमार और सचिव मामराज शर्मा सहित संबंधित स्टाफ एवं प्रतिभागी मौजूद रहे।
समापन अवसर पर युवाओं से स्थानीय संसाधनों और कौशल को व्यावसायिक अवसरों में बदलकर आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम बढ़ाने का आह्वान किया गया। आयोजकों ने कहा कि ऐसी कार्यशालाएं युवाओं को ‘विचार से उद्यम और उद्यम से रोजगार सृजन’ की दिशा में आगे बढ़ाने का माध्यम हैं। RAMP के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में उद्यमिता की संस्कृति को मजबूत करने और स्थानीय युवाओं को संस्थागत सहयोग से जोड़ने के लिए ऐसी गतिविधियां लगातार आयोजित की जा रही हैं।