शिमला : दक्षिण अफ्रीका के केप टाउन में 13 से 18 सितंबर तक आयोजित 69वें राष्ट्रमंडल संसदीय सम्मेलन का शनिवार को भव्य समापन हुआ। छह दिवसीय सम्मेलन में राष्ट्रमंडल के 56 देशों के सैकड़ों प्रतिनिधियों ने भाग लिया। समापन अवसर पर हिमाचल प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानियां ने ‘राष्ट्रमंडल के लिए नेतृत्व के नए अवसर: लोकतंत्र और अंतरराष्ट्रीय कानून को मजबूत करने के लिए संसदीय कार्रवाई’ विषय पर संबोधित किया।
पठानियां ने कहा कि राष्ट्रमंडल स्वतंत्र और संप्रभु देशों का स्वैच्छिक अंतरराष्ट्रीय संगठन है, जिसका उद्देश्य सदस्य देशों के बीच सहयोग, लोकतंत्र, सुशासन, मानवाधिकार, आर्थिक विकास, शिक्षा, संस्कृति और सामाजिक प्रगति को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि 1949 के लंदन घोषणापत्र के बाद राष्ट्रमंडल ने आधुनिक स्वरूप ग्रहण किया और आज इसमें अफ्रीका, एशिया, यूरोप, अमेरिका, कैरेबियन तथा प्रशांत क्षेत्र के देश शामिल हैं। भारत राष्ट्रमंडल का महत्वपूर्ण सदस्य है।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रमंडल की विशेषता इसकी विविधता है। सदस्य देश आकार, जनसंख्या, अर्थव्यवस्था और राजनीतिक व्यवस्था के लिहाज से भिन्न हैं, लेकिन लोकतंत्र, मानवाधिकार, कानून का शासन, समानता और सतत विकास जैसे साझा मूल्यों के आधार पर एक मंच पर आते हैं।
पठानियां ने शिक्षा और युवा विकास में राष्ट्रमंडल की भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा कि छात्रवृत्ति, कौशल विकास, युवा नेतृत्व और क्षमता निर्माण के माध्यम से युवाओं को अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। वहीं, राष्ट्रमंडल खेल सदस्य देशों के बीच मैत्री और खेल भावना को मजबूत करने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं।
उन्होंने कहा कि भारत के लिए राष्ट्रमंडल का विशेष महत्व है। भारत इस मंच के माध्यम से विकासशील देशों की प्राथमिकताओं, लोकतांत्रिक मूल्यों, जलवायु परिवर्तन, शिक्षा, व्यापार और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर सहयोग कर सकता है। वर्तमान समय में जलवायु परिवर्तन, आर्थिक असमानता, डिजिटल विभाजन, बेरोजगारी, वैश्विक स्वास्थ्य और सतत विकास जैसी चुनौतियां सामने हैं। इनसे निपटने के लिए सदस्य देशों के बीच ज्ञान, तकनीक और संसाधनों का आदान-प्रदान जरूरी है।
समापन अवसर पर पठानियां ने दक्षिण अफ्रीकी संसद को सम्मेलन के भव्य आयोजन और आतिथ्य सत्कार के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि सम्मेलन के दौरान मिली कई अविस्मरणीय स्मृतियों को वह हिमाचल प्रदेश साथ लेकर लौटेंगे और सम्मेलन से प्रदेश के हित में मिले अनुभवों को सरकार के साथ साझा करेंगे।