यूपी की संगमनगरी प्रयागराज में हर साल होने वाले माघ मेले में आने वाली श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए प्रयागराज को काशी और अयोध्या से जोड़कर धार्मिक सर्किट तैयार करने की योजना बनाई गई है। अयोध्या, काशी (वाराणसी) और प्रयागराज उत्तर प्रदेश के तीन सबसे पवित्र और महत्वपूर्ण आध्यात्मिक केंद्र हैं। मेला प्राधिकरण ने इसके लिए प्लान तैयार किया है। इसके तहत तीनों धार्मिक नगरियों को जोड़ते हुए श्रद्धालुओं के लिए परिवहन सेवा शुरू करने की तैयारी है। अधिकारियों का मानना है कि इससे माघ मेले में आने वाले श्रद्धालु प्रयागराज के साथ काशी और अयोध्या के प्रमुख धार्मिक स्थलों के भी दर्शन कर सकेंगे।
मंडलायुक्त डॉ. लोकेश एम ने बताया कि पिछले माघ मेले में श्रद्धालुओं की भीड़ और उनके आवागमन को देखते हुए इस बार व्यवस्थाओं का विस्तार किया जा रहा है। धार्मिक सर्किट के तहत प्रयागराज से काशी और अयोध्या के लिए सेवा शुरू करने की योजना है। इसके लिए संबंधित विभागों के साथ समन्वय किया जाएगा। माघ मेले में वाहनों की बढ़ती संख्या को देखते हुए पार्किंग व्यवस्था का भी विस्तार किया जाएगा।
प्रमुख प्रवेश मार्गों और मेला क्षेत्र के आसपास अतिरिक्त पार्किंग स्थल विकसित किए जाएंगे, ताकि शहर और मेला क्षेत्र में यातायात का दबाव कम किया जा सके। रेलवे से भी मेले के दौरान आने वाली भीड़ का फीडबैक लिया जा रहा है। मंडलायुक्त ने रेलवे अधिकारियों से अतिरिक्त ट्रेनों और रैक की जरूरत के संबंध में जानकारी लेकर आवश्यक संख्या में अतिरिक्त रैक रखने के लिए कहा है। इन तीनों स्थानों को मिलाकर एक प्रसिद्ध आध्यात्मिक त्रिकोण बनता है। आप ट्रेन, बस या निजी टैक्सी से आसानी से तीनों जगह यात्रा कर सकते हैं।
काले हिरण आरक्षित क्षेत्र से लोगों को करेंगे विस्थापित
मेजा तहसील के चांद खमरिया कृष्ण मृग आरक्षित क्षेत्र में रह रहे लोगों को विस्थापित कर एक स्थान पर आवासीय कॉलोनी में बसाया जाएगा। मंडलायुक्त डॉ. लोकेश एम ने शनिवार को आरक्षित क्षेत्र का निरीक्षण कर इसके संरक्षण और समग्र विकास की कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने सीडीओ हर्षिका सिंह को मुख्यमंत्री आवासीय योजना के तहत पात्र परिवारों के आवास की व्यवस्था सुनिश्चित कराने को कहा।
मंडलायुक्त ने शनिवार को चांद खमरिया में कृष्ण मृग आरक्षित क्षेत्र का निरीक्षण किया। आरक्षित क्षेत्र की शेष भूमि का डी-मार्केशन कराकर स्पष्ट सीमांकन, वन विभाग को सुरक्षित हस्तांतरण और मजबूत बाउंड्री निर्माण को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।