सोलन : कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके), सोलन कंडाघाट में 21 से 23 सितंबर तक आयोजित तीन दिवसीय उद्यमिता विकास कार्यक्रम (EDP) का बुधवार को समापन हुआ। भारत सरकार की रैंप (RAMP) योजना के तहत उद्योग विभाग द्वारा आयोजित तथा निटकॉन लिमिटेड (NITCON Limited) द्वारा क्रियान्वित कार्यक्रम में 30 किसानों एवं स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) सदस्यों ने भाग लिया। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को बागवानी, प्राकृतिक खेती, मूल्यवर्धन और कृषि उत्पादों के प्रभावी विपणन के माध्यम से आय बढ़ाने की संभावनाओं से अवगत करवाया गया।
कार्यक्रम का समन्वय डॉ. मीरा ठाकुर ने केवीके सोलन की वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष डॉ. सीमा ठाकुर के मार्गदर्शन में किया। पहले दिन प्रतिभागियों को केवीके की विभिन्न गतिविधियों तथा एचआरटीएस की जानकारी दी गई। इसके बाद उष्णकटिबंधीय एवं उपोष्णकटिबंधीय फसलों की उत्पादन रणनीति, फलदार पौधों के बाग प्रबंधन, बागवानी में प्राकृतिक खेती तथा वर्मीकम्पोस्ट और जैव-उर्वरक आधारित उद्यमिता पर विशेषज्ञों ने प्रशिक्षण दिया।
दूसरे दिन पुष्पकृषि एवं लैंडस्केपिंग में उपलब्ध उद्यमिता के अवसरों की जानकारी देने के साथ पुष्पकृषि विभाग का भ्रमण करवाया गया। प्रतिभागियों को फसल विविधीकरण, फर्टिगेशन, कम लागत वाली सिंचाई तकनीकों, मृदा परीक्षण को उद्यम के रूप में अपनाने तथा कीटनाशकों के सुरक्षित एवं विवेकपूर्ण इस्तेमाल के बारे में भी जानकारी दी गई।
कार्यक्रम के अंतिम दिन मशरूम उत्पादन की अर्थव्यवस्था, विपणन और मूल्य श्रृंखला में उपलब्ध उद्यमशील अवसरों पर विशेषज्ञों ने जानकारी साझा की। कृषि आय बढ़ाने में प्रभावी विपणन की भूमिका तथा हिमाचल में मशरूम उत्पादन एवं विपणन की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई। प्रतिभागियों को मृदा नमूना लेने की विधि का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया गया।
समापन समारोह में जिला उद्योग केंद्र सोलन की सुनीता शर्मा, अमित चौहान एवं मैनेजर विनय वर्मा उपस्थित रहे। उन्होंने प्रतिभागियों को सहभागिता प्रमाण-पत्र प्रदान किए और किसानों व एसएचजी सदस्यों से कृषि आधारित उद्यमिता के अवसरों का लाभ उठाने का आह्वान किया। उन्होंने सरकारी योजनाओं के माध्यम से कृषि उद्यमों को मजबूत करने पर भी जोर दिया।
कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों एवं स्वयं सहायता समूहों को कृषि और बागवानी आधारित गतिविधियों को रोजगार एवं आय के स्थायी साधन के रूप में विकसित करने के लिए आवश्यक तकनीकी एवं व्यावसायिक दक्षता प्रदान करना रहा।