शिमला : गांधी जयंती के अवसर पर हिमाचल प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड के 1471 पंजीकृत लाभार्थियों को 5.78 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू यह राशि लाभार्थियों के बैंक खातों में सीधे हस्तांतरित करेंगे। बोर्ड के अध्यक्ष नरदेव सिंह कंवर ने बताया कि विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के तहत यह वित्तीय सहायता पंजीकृत निर्माण श्रमिकों और उनके पात्र आश्रितों को दी जा रही है।
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत विधवा, एकल, बेसहारा और दिव्यांग महिलाओं को मकान निर्माण के लिए 45.95 लाख रुपये की सहायता स्वीकृत की गई है। वहीं शिक्षा सहायता योजना के तहत पंजीकृत श्रमिकों के बच्चों की उच्च एवं तकनीकी शिक्षा के लिए 968 लाभार्थियों को 2.74 करोड़ रुपये जारी किए जाएंगे। विवाह सहायता योजना के तहत 359 लाभार्थियों को 1.83 करोड़ रुपये मिलेंगे।
दुर्घटना और मातृत्व सहायता भी शामिल
दुर्घटना मृत्यु एवं अंत्येष्टि सहायता योजना के तहत 21 मामलों में 54.20 लाख रुपये प्रदान किए जाएंगे। मातृत्व एवं पितृत्व लाभ योजना के तहत 30 लाभार्थियों को 7.14 लाख रुपये की सहायता मिलेगी। बालिका जन्म उपहार योजना के तहत 15 बालिकाओं के परिवारों को 7.65 लाख रुपये दिए जाएंगे।
मानसिक दिव्यांगता से ग्रसित 10 आश्रितों को 2.15 लाख रुपये तथा दिव्यांगता पेंशन योजना के तहत एक लाभार्थी को 25 हजार रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी।
कांगड़ा के 270 लाभार्थियों को एक करोड़
जिला स्तर पर हमीरपुर में 225 लाभार्थियों को 76.74 लाख रुपये, चंबा में 164 को 70.54 लाख, सिरमौर में 140 को 51.80 लाख, मंडी में 171 को 64.80 लाख और किन्नौर में 126 लाभार्थियों को 48.39 लाख रुपये दिए जाएंगे।
कांगड़ा में मुख्य कार्यालय एवं उप-कार्यालयों सहित 270 लाभार्थियों को एक करोड़ रुपये की सहायता मिलेगी। शिमला में 88 लाभार्थियों को 45.58 लाख, बिलासपुर में 104 को 32.98 लाख, ऊना में 72 को 33.93 लाख, सोलन में 63 को 30.51 लाख और कुल्लू में 48 लाभार्थियों को 21.43 लाख रुपये जारी किए जाएंगे।
बोर्ड अध्यक्ष नरदेव सिंह कंवर ने कहा कि राज्य सरकार श्रमिकों और समाज के जरूरतमंद वर्गों को कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पारदर्शी एवं सुगम तरीके से उपलब्ध करवाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि बोर्ड की विभिन्न योजनाओं के वित्तीय लाभ प्रत्यक्ष बैंक हस्तांतरण के माध्यम से समयबद्ध तरीके से लाभार्थियों तक पहुंचाए जा रहे हैं।