शिमला : हिमाचल प्रदेश के सरकारी सीबीएसई स्कूलों में शिक्षकों की कमी दूर करने और विद्यार्थियों को विषयवार बेहतर शिक्षा उपलब्ध करवाने की दिशा में शिक्षा विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। निदेशालय स्कूल शिक्षा ने राजनीति विज्ञान के 93 और मनोविज्ञान के 68 शिक्षकों सहित कुल 161 शिक्षकों की नियुक्ति के आदेश जारी किए हैं। दोनों विषयों के लिए जारी कार्यालय आदेशों में चयनित अभ्यर्थियों को प्रदेश के विभिन्न सरकारी, पीएम श्री और मॉडल सीबीएसई स्कूलों में तैनाती दी गई है। राजनीति विज्ञान के आदेश में 93 चयनित अभ्यर्थियों की सूची दी गई है, जबकि मनोविज्ञान के आदेश में 68 अभ्यर्थियों को शामिल किया गया है।
शिक्षा विभाग के अनुसार ये नियुक्तियां ‘Scheme for the Engagement of Teachers in Government Schools Affiliated to Central Board of Secondary Education (CBSE)’ के तहत की गई हैं। चयनित शिक्षकों को निर्धारित शर्तों के अनुसार अस्थायी आधार पर तैनात किया जाएगा। आदेश के मुताबिक शिक्षकों को 30 हजार रुपये मासिक समेकित मानदेय दिया जाएगा और नियुक्ति पांच वर्ष की निर्धारित अवधि के लिए होगी, हालांकि इसे सरकार की स्वीकृति और योजना के प्रावधानों के अनुसार आगे बढ़ाया जा सकता है।
पीएम श्री और मॉडल स्कूलों में मिलेगी तैनाती
राजनीति विज्ञान के चयनित शिक्षकों को प्रदेश के विभिन्न जिलों के पीएम श्री राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों, राजकीय मॉडल वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों और अन्य सरकारी सीबीएसई स्कूलों में नियुक्त किया गया है। सूची में शिमला, मंडी, कांगड़ा, सिरमौर, सोलन, चंबा, हमीरपुर, बिलासपुर, ऊना, कुल्लू, किन्नौर सहित विभिन्न जिलों के विद्यालय शामिल हैं।
इसी तरह मनोविज्ञान विषय के 68 शिक्षकों की नियुक्ति भी प्रदेश के विभिन्न सरकारी सीबीएसई स्कूलों में की गई है। इनमें पीएम श्री स्कूलों के साथ सरकारी मॉडल और वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय शामिल हैं। CBSE Teachers Psychology Orders.pdf
स्कूलों में विषय विशेषज्ञता मजबूत करने पर जोर
आदेशों में स्पष्ट किया गया है कि नियुक्त शिक्षकों को मध्य स्तर से वरिष्ठ माध्यमिक स्तर तक संबंधित विषयों की कक्षाएं लेने के साथ आवश्यकता के अनुसार अतिरिक्त कक्षाओं और remedial classes में भी सेवाएं देनी होंगी। उन्हें विद्यालय प्रमुख के निर्देशानुसार अन्य शैक्षणिक दायित्व भी निभाने होंगे।
शिक्षकों की नियुक्ति पूरी तरह योजना के निर्धारित नियमों और शर्तों के अधीन होगी। उन्हें नियमित सरकारी कर्मचारी नहीं माना जाएगा और नियमित कर्मचारियों को मिलने वाले सभी सेवा लाभ स्वतः लागू नहीं होंगे। साथ ही उन्हें प्रदेश के किसी भी सरकारी स्कूल में आवश्यकता के अनुसार स्थानांतरित/प्रतिनियुक्त किया जा सकता है।
शिक्षा विभाग ने चयनित अभ्यर्थियों को निर्धारित अवधि में ज्वाइनिंग करने के निर्देश दिए हैं। ज्वाइनिंग से पहले मेडिकल फिटनेस सहित आवश्यक दस्तावेज जमा करवाने होंगे। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि नियुक्ति अभ्यर्थियों के दस्तावेजों और शैक्षणिक योग्यता के सत्यापन के अधीन रहेगी।
इन नियुक्तियों से सरकारी सीबीएसई स्कूलों में विशेषकर वरिष्ठ माध्यमिक स्तर पर विषय विशेषज्ञ शिक्षकों की उपलब्धता बढ़ने और विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक सुविधा मिलने की उम्मीद है।