रोहड़ू : मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने गुरुवार को राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला रोहड़ू से एंटी-चिट्टा रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया और स्वयं विद्यार्थियों के साथ रैली में शामिल होकर इसका नेतृत्व किया। रैली के दौरान रोहड़ू बाजार ‘नशा छोड़ो, जिंदगी से नाता जोड़ो’ जैसे नारों से गूंज उठा। बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने हिस्सा लेकर नशे के खिलाफ जागरूकता का संदेश दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार नशा माफिया के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर रही है और नशे के कारोबार में संलिप्त लोगों के लिए हिमाचल में कोई स्थान नहीं है। उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि समाज के हर वर्ग को इसमें अपनी भूमिका निभानी होगी। युवाओं को नशे से बचाने के लिए परिवार, शिक्षण संस्थानों और समाज को मिलकर काम करना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि प्रदेशभर में एंटी-चिट्टा रैलियों और जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। इनका उद्देश्य युवाओं और आम जनता को चिट्टा तथा अन्य नशीले पदार्थों के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना और उन्हें नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नशे के खिलाफ जन-जागरूकता अभियान में युवाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है।
विद्यार्थियों को दिलाई नशामुक्ति की शपथ
रैली से पहले मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को एंटी-चिट्टा शपथ दिलाई। उन्होंने विद्यार्थियों से स्वयं नशे से दूर रहने के साथ-साथ समाज को नशामुक्त बनाने में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने बच्चों के साथ सेल्फी भी खिंचवाई और उन्हें नशे के खिलाफ अभियान में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रोत्साहित किया।
इस अवसर पर विधायक मोहन लाल ब्राक्टा, नशा निवारण बोर्ड के सह संयोजक संजय भारद्वाज, उपायुक्त अनुपम कश्यप, पुलिस अधीक्षक गौरव सिंह सहित अन्य गणमान्य उपस्थित रहे।