शिमला : हिमाचल प्रदेश के दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों में अब डाक और पार्सल पहुंचाने के लिए ड्रोन तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। डाक विभाग प्रदेश में 110 मार्गों पर ड्रोन के माध्यम से डिलीवरी शुरू करने की तैयारी कर रहा है। इनमें से 36 मार्गों पर यह सेवा शुरू हो चुकी है और इसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। इससे दूरदराज के गांवों तक डाक पहुंचाने में लगने वाला समय कम होने के साथ सेवा की विश्वसनीयता भी बढ़ेगी। मुख्य पोस्टमास्टर जनरल संजय सिंह ने शुक्रवार को विश्व डाक दिवस के अवसर पर यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि हिमाचल जैसे पर्वतीय राज्य में दुर्गम क्षेत्रों तक डाक पहुंचाना हमेशा चुनौतीपूर्ण रहा है। इसे ध्यान में रखते हुए डाक विभाग आधुनिक तकनीक अपना रहा है। इसी पहल के तहत 13 अगस्त को मंडी प्रधान डाकघर से रेहरधार शाखा डाकघर तक राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे की ड्रोन से डिलीवरी कर इस सेवा की शुरुआत की गई थी। अब इसे 110 मार्गों तक विस्तारित करने की योजना है।
प्रदेश में 2797 डाकघर, 8958 कर्मचारी दे रहे सेवाएं
हिमाचल प्रदेश डाक परिमंडल में 30 सितंबर 2026 तक कुल 2797 डाकघर हैं। इनमें 18 प्रधान डाकघर, 452 उप डाकघर और 2327 शाखा डाकघर शामिल हैं। कुल डाकघरों में से 2684 ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित हैं। इस व्यापक नेटवर्क के माध्यम से प्रदेश के गांवों और दूरदराज के इलाकों तक डाक सेवाएं पहुंचाई जा रही हैं।
डाक परिमंडल में 2485 विभागीय कर्मचारी और 6473 ग्रामीण डाक सेवक कार्यरत हैं। इस तरह कुल 8958 कर्मियों की टीम प्रदेश में डाक, वित्तीय और नागरिक सेवाओं का संचालन कर रही है।
छह माह में 20.69 लाख डाक वस्तुओं से 12.18 करोड़ का राजस्व
डाक विभाग ने चालू वित्त वर्ष में भी कई क्षेत्रों में प्रगति दर्ज की है। एक अप्रैल से 30 सितंबर 2026 तक प्रदेश में 20.69 लाख डाक वस्तुओं के माध्यम से 12.18 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है। विभाग के अनुसार, यह पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 50 प्रतिशत अधिक है।
डाकघर बचत बैंक के तहत प्रदेश में कुल 70,87,142 सक्रिय खाते हैं। चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में 7,94,403 नए खाते खोले गए। वहीं, डाक जीवन बीमा के तहत 41,943 नई पॉलिसियां जारी की गईं, जिनकी कुल बीमा राशि 1730.65 करोड़ रुपये है। प्रदेश में वर्तमान में 3.56 लाख डाक जीवन बीमा पॉलिसियां सक्रिय हैं।
आधार और पासपोर्ट सेवाओं के तहत भी डाक विभाग ने महत्वपूर्ण काम किया है। इस अवधि में 2,00,197 आधार नामांकन और अपडेट किए गए, जबकि डाकघर पासपोर्ट सेवा केंद्रों के माध्यम से 25,632 पासपोर्ट आवेदनों का प्रसंस्करण हुआ। चालू वित्त वर्ष में अब तक 177 डाक चौपाल शिविर आयोजित किए गए हैं। प्रदेश में इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक के 8.80 लाख खाते हैं।
डिजिटल बैंकिंग से जुड़ रहे ग्राहक
डाक विभाग ग्राहकों को डिजिटल बैंकिंग सेवाओं से जोड़ने पर भी जोर दे रहा है। इसके तहत 30 सितंबर तक 35,743 ग्राहक मोबाइल बैंकिंग और 45,817 ग्राहक इंटरनेट बैंकिंग से जुड़ चुके हैं। विभाग आधुनिक सुविधाओं और बेहतर ग्राहक अनुभव के लिए डाकघरों को नए स्वरूप में विकसित कर रहा है।
इसके अलावा राज्य सरकार के विभिन्न विभागों की पांच सेवाओं को डाक विभाग के साथ जोड़ा गया है। इनमें कृषि नमूनों का सुरक्षित परिवहन, स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को बीसी सखी के रूप में सशक्त बनाना, मीडिया पोस्ट के माध्यम से स्वास्थ्य जागरूकता, डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र तथा परीक्षा और अध्ययन सामग्री का परिवहन शामिल है।
15 अक्टूबर तक मनाया जाएगा राष्ट्रीय डाक सप्ताह
विश्व डाक दिवस के अवसर पर हिमाचल प्रदेश डाक परिमंडल में राष्ट्रीय डाक सप्ताह का शुभारंभ भी किया गया। यह सप्ताह 9 से 15 अक्टूबर तक मनाया जाएगा। इस वर्ष इसकी थीम 'एक डाक नेटवर्क, अनंत संभावनाएं' रखी गई है। इसका उद्देश्य डाक सेवाओं में तकनीक और नवाचार के बढ़ते इस्तेमाल के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।
सप्ताह के दौरान 12 अक्टूबर को फन विद फिलैटली दिवस पर विद्यार्थियों के लिए डाक टिकट प्रदर्शनी, प्रश्नोत्तरी और पत्र लेखन जैसी गतिविधियां होंगी। 13 अक्टूबर को वित्तीय समावेशन एवं सीसीएस दिवस के तहत डाक चौपाल शिविरों में बचत बैंक, डाक जीवन बीमा और आधार सेवाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी। 14 अक्टूबर को डाक एवं पार्सल दिवस पर व्यावसायिक ग्राहकों के साथ बैठकें होंगी, जबकि 15 अक्टूबर को प्रौद्योगिकी एवं नवाचार दिवस के तहत तकनीकी प्रश्नोत्तरी और ड्रोन डिलीवरी पहल पर विशेष चर्चा की जाएगी।
मुख्य पोस्टमास्टर जनरल संजय सिंह ने कहा कि डाक विभाग का लक्ष्य प्रदेश के हर गांव और परिवार तक विश्वसनीय, किफायती और सुविधाजनक सेवाएं पहुंचाना है। ड्रोन डिलीवरी, डिजिटल बैंकिंग और डाक चौपाल जैसी पहलों के माध्यम से दूरदराज के क्षेत्रों में सेवाओं को और सुलभ बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं।