शिमला : हिमाचल प्रदेश में डिजिटल शासन और प्रशासनिक सुधारों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 16 और 17 अक्टूबर को धर्मशाला में ई-गवर्नेंस सुधारों पर राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। मुख्य सचिव केके पंत ने सोमवार को शिमला में सम्मेलन की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को उपायुक्त कांगड़ा के साथ समन्वय स्थापित कर सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय पर पूरी करने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने कहा कि दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन देशभर के नीति निर्माताओं और विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों को डिजिटल शासन के भविष्य पर विचार-विमर्श करने का अवसर प्रदान करेगा। इसमें विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधि ई-गवर्नेंस के क्षेत्र में किए गए नवाचारों और सफल पहलों को प्रस्तुत करेंगे। सम्मेलन में नागरिक केंद्रित सुधारों और तकनीक आधारित प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर भी व्यापक चर्चा होगी।
केके पंत ने कहा कि हिमाचल प्रदेश डिजिटल प्रौद्योगिकी आधारित सुधारों के क्रियान्वयन के साथ डिजिटल गवर्नेंस के क्षेत्र में अग्रणी बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। प्रदेश में प्रशासनिक प्रक्रियाओं को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाने के लिए कई पहल की गई हैं, जिन्हें राष्ट्रीय स्तर पर सराहना मिली है।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सम्मेलन में इन पहलों को साझा करने के साथ अन्य राज्यों के सफल प्रयोगों से सीखने का अवसर भी मिलेगा। बैठक में सचिव प्रशासनिक सुधार ए. शाइनामोल, मुख्यमंत्री के सचिव राकेश कंवर, विभिन्न विभागों के प्रशासनिक सचिव और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।