गुरुग्राम(जगदीप) : दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में बढ़ते वायु प्रदूषण पर अंकुश लगाने और सड़कों से उड़ने वाली धूल को नियंत्रित करने के लिए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने गुरुग्राम में विशेष निरीक्षण अभियान चलाया। ‘स्वच्छ वायु अभियान’ के तहत 14 अक्टूबर 2026 को चलाए गए इस अभियान में लगभग 104 किलोमीटर लंबे सड़क मार्गों का निरीक्षण किया गया। इस दौरान सड़कों पर अत्यधिक दिखाई देने वाली धूल, निर्माण एवं तोड़फोड़ का मलबा, क्षतिग्रस्त फुटपाथ और गड्ढों से संबंधित कुल 258 खामियां सामने आईं।
नगर निगम और महानगर विकास प्राधिकरण के क्षेत्रों में मिलीं खामियां
आयोग के अनुसार, निरीक्षण के दौरान सामने आईं 258 खामियों में से १७४ खामियां नगर निगम गुरुग्राम के अधिकार क्षेत्र की सड़कों पर पाई गईं, जबकि ८४ खामियां गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण के अंतर्गत आने वाली सड़कों पर दर्ज की गईं।
निरीक्षण के लिए आयोग ने चार विशेष जांच दल तैनात किए थे। इन दलों ने कुल ५२ सड़क मार्गों का जायजा लिया। इनमें लगभग ५६ किलोमीटर सड़कें नगर निगम गुरुग्राम और ४८ किलोमीटर सड़कें गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण के अधिकार क्षेत्र में थीं।
कई प्रमुख सड़क मार्गों का किया निरीक्षण
अभियान के दौरान पालम विहार, पेस सिटी-एक एवं दो, सेक्टर-१०, २१, २२, २३, सिकंदरपुर तथा सेक्टर-५३, ५६, २७, ४३, २६, ४२ और ५४ सहित कई इलाकों की सड़कों का निरीक्षण किया गया। इसके अतिरिक्त महरौली-गुरुग्राम मार्ग, द्वारका द्रुतगामी मार्ग, दौलताबाद मार्ग और धर्मपुर मार्ग समेत अन्य प्रमुख सड़क मार्गों को भी जांच के दायरे में शामिल किया गया।
सड़कों की धूल से बढ़ता है वायु प्रदूषण
वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने स्पष्ट किया कि सड़कों की नियमित सफाई और प्रभावी यांत्रिक झाड़ू व्यवस्था वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए बेहद जरूरी है। सड़कों पर जमा धूल और निर्माण मलबा वाहनों की आवाजाही के कारण दोबारा हवा में फैल जाता है, जिससे वायु की गुणवत्ता प्रभावित होती है। वहीं, क्षतिग्रस्त फुटपाथ और सड़क के गड्ढे भी धूल की समस्या को बढ़ा सकते हैं।
संबंधित विभागों को सुधार के निर्देश
आयोग ने नगर निगम गुरुग्राम, गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण और अन्य संबंधित विभागों को निरीक्षण में सामने आई कमियों को प्राथमिकता के आधार पर दूर करने के निर्देश दिए हैं। विभागों को नियमित सड़क सफाई, जमा धूल एवं निर्माण मलबे को हटाने और सड़कों को स्वच्छ रखने के लिए प्रभावी कदम उठाने को कहा गया है।
आयोग ने चेतावनी दी है कि निर्देशों का पालन नहीं करने वाली एजेंसियों के विरुद्ध कानून के अनुसार अभियोजन सहित सख्त कार्रवाई की जा सकती है।
आयोग के मुताबिक, ‘स्वच्छ वायु अभियान’ के तहत दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में आगे भी निरीक्षण अभियान जारी रहेंगे। इनका उद्देश्य प्रदूषण नियंत्रण उपायों के जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन की जांच करना, कमियों की पहचान करना और संबंधित विभागों से समय पर सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित कराना है।