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लंदन में प्रवासी भारतीयों ने पीएम मोदी के समर्थन में निकाली रैली, ‘भारत माता की जय’, ‘मोदी- मोदी’ और ‘जय श्री राम’ नारे लगाए

Updated on Saturday, October 17, 2026 17:57 PM IST

लंदन(एजेंसी) : लंदन में प्रवासी भारतीयों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समर्थन में भारतीय उच्चायोग के बाहर प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने तिरंगा लहराया और प्रधानमंत्री के पक्ष में नारे लगाए। ‘भारत माता की जय’, ‘मोदी- मोदी’ और ‘जय श्री राम’ नारे लगा प्रधानमंत्री और भारत सरकार के प्रति अपना समर्थन जताया। मौजूद लोगों ने कहा कि वो विदेशों में भारत की छवि बचाने के लिए इकट्ठा हुए हैं। उनका मानना है कि कुछ प्रदर्शन ऐसे हैं, जिनका मकसद देश की साख को नुकसान पहुंचाना है।

यह समर्थन ऐसे समय में सामने आया है, जब भारत में कांग्रेस के नेतृत्व वाले ‘इंडिया’ गठबंधन और ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (सीजेपी) द्वारा विरोध प्रदर्शन किए जा रहे हैं। ये समूह मतदाता सूची के ‘विशेष गहन पुनरीक्षण’ (एसआईआर) को लेकर भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) को निशाना बना रहे हैं। विपक्षी समूहों प्रक्रिया में गड़बड़ी का आरोप लगा मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।

लंदन में रहने वाले एक भारतीय ने न्यूज़ एजेंसी से बातचीत में बताया कि इस सभा का उद्देश्य उन कोशिशों का विरोध करना था, जिन्हें वे भारत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बदनाम करने की कोशिश मानते हैं। उन्होंने कहा, “आज हम लंदन के भारत भवन में उन लोगों का विरोध करने के लिए इकट्ठा हुए हैं, जो हमारी नजर में भारत को बदनाम कर रहे हैं। भारतीय राष्ट्रवादी होने के नाते, हम उनके कामों का जवाब देने और अपने देश के बचाव में आवाज उठाने के लिए एक साथ आए हैं।”

भारत सरकार का विरोध करने वालों के तरीके पर सवाल उठाते हुए, वहां मौजूद एक व्यक्ति ने कहा कि लोकतंत्र में शिकायतों का समाधान कानूनी और संवैधानिक तरीकों से होना चाहिए, न कि ऐसे प्रदर्शनों से, जिनसे विदेशों में देश की छवि खराब हो सकती है। उन्होंने आगे कहा, “आप असल में किस बात का विरोध कर रहे हैं? भारत एक लोकतांत्रिक देश है। अगर आपको कोई शिकायत है, तो आप अदालतों, यहां तक कि सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटा सकते हैं और कानूनी व्यवस्था के जरिए न्याय पा सकते हैं। आपके पास सबूत कहां हैं? ऐसा लगता है कि आपका विरोध इसलिए है क्योंकि आप प्रधानमंत्री मोदी, उनके नेतृत्व और भारत की तरक्की को पसंद नहीं करते हैं।”

भारतीय समुदाय के एक अन्य सदस्य ने बताया कि यह सभा प्रधानमंत्री और सरकार के समर्थन में आयोजित की गई थी। उन्होंने कहा कि चूंकि सरकार एक लोकतांत्रिक प्रक्रिया के जरिए चुनी गई है, इसलिए उसे देश चलाने का जनादेश प्राप्त है। एक प्रदर्शनकारी ने कहा, “हम यहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत सरकार के समर्थन में इकट्ठा हुए हैं, क्योंकि उन्हें भारत की जनता ने लोकतांत्रिक तरीके से चुना है और उनके पास सत्ता में बने रहने का पूरा अधिकार है। प्रधानमंत्री मोदी के पास जनता का जनादेश है। जहां एक तरफ लोग गरीबी की बात करते हैं, वहीं पीएम मोदी सरकार की यह उपलब्धि काबिले तारीफ है कि उन्होंने गरीबों के 30 करोड़ (300 मिलियन) बैंक खाते खुलवाए हैं।”

प्रदर्शन में शामिल अन्य शख्स ने कहा, “आज हम यहाँ भारत के समर्थन में और पीएम मोदी के साथ खड़े होने के लिए आए हैं। अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाना और भारत को बदनाम करना, ये दोनों अलग-अलग बातें हैं। आप अपनी चिंताएं जाहिर कर सकते हैं, लेकिन ऐसा कोई काम नहीं करना चाहिए जिससे विदेशों में देश की छवि खराब हो।”

इस बीच, ‘रीच’ (रेस, इथिनसिटी एंड कल्चरल हेरिटेज) इंडिया, जो दुनिया भर में रहने वाले भारतीयों को जोड़ने वाला एक अंतरराष्ट्रीय संगठन है, ने एनएसयूआई के नेतृत्व में हुए प्रदर्शनों की कड़ी आलोचना की है।

“रीच” इंडिया ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “कुछ देशद्रोही जो भारत में अराजकता फैलाने के लिए बाहर से फंड ले रहे हैं और बुरी तरह नाकाम रहे हैं, वे अब दूसरे देशों में भारत को नीचा दिखाने की कोशिश कर रहे हैं। प्यारे छात्रों, आप अपने माता-पिता के पैसे या सरकारी स्पॉन्सरशिप से यूके आए हैं। अपने समय का सही इस्तेमाल करें, न कि भारत-विरोधी तत्वों के साथ मिलकर अपमानजनक नारे लगाएं। आप भारत-विरोधी लोगों के साथ घुल-मिल रहे हैं और आप पर नजर रखी जा रही है। आइए, भारतीय राजनीति पर भारत के भीतर ही चर्चा करें।”

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