नई दिल्ली(एजेंसी) : दिल्ली में लाल किला मैदान में चल रही लव कुश रामलीला में दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू और दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता शामिल हुईं। लाल किला की यह रामलीला हर साल बड़ी संख्या में लोगों को आकर्षित करती है। इस मौके पर उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने कहा, “यह लाल किले की रामलीला है, और हम रामायण से तथा भगवान राम द्वारा स्थापित राम राज्य की अवधारणा से बहुत प्रेरणा लेते हैं। हम दिल्ली के लोगों की समस्याओं को हल करने की पूरी कोशिश कर रहे हैं और अंततः राम राज्य की ओर बढ़ रहे हैं। रामायण और भगवान राम ने पूरी दुनिया को जो प्रेरणा दी है, वह आज भी प्रासंगिक है। हमारे युवा, जो दुनिया की सबसे बड़ी युवा आबादी हैं, उन्हें रामायण की सकारात्मकता और मूल्यों से प्रेरणा लेकर आगे बढ़ना चाहिए।”
वहीं अभिनेता मनीष चतुर्वेदी ने कहा, “युवा पीढ़ी को जरूर रामलीला में आना चाहिए। हाल ही में जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शनों के दौरान जिस तरह की गाली-गलौज और अश्लील भाषा का इस्तेमाल हुआ, उसे देखते हुए हमारे युवाओं में अपार क्षमता और ऊर्जा है। उनमें देश के लिए बहुत कुछ करने का जुनून और काबिलियत है, उन्हें सिर्फ सही दिशा और मार्गदर्शन की जरूरत है, जो रामलीलाओं और भगवान राम के चरित्र के माध्यम से मिल सकता है। इसलिए मैं युवाओं से आग्रह करूंगा कि वे जरूर रामलीला में आएं, उसे देखें और भगवान राम के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाएं।”
दिल्ली के लाल किले के पास और मैदानों में रामलीला का आयोजन ऐतिहासिक रूप से 100 से अधिक वर्षों से श्री धार्मिक लीला कमेटी द्वारा किया जा रहा है। यमुना के रेतीले किनारों पर मुगल काल के दौरान हिंदू सैनिकों द्वारा शुरू हुई यह परंपरा बाद में लाल किले के पास मैदानों में स्थानांतरित हुई। यह भगवान श्रीराम के आदर्श जीवन, उनके त्याग, सत्य और धर्म की विजय का प्रतीक है। वर्ष 2008 में यूनेस्को ने रामलीला को ‘मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत’ घोषित किया है।