पंजाब प्रदेश में दो किलोवाट लोड वाले खपतकाराें के बकाया बिल माफ करने और काटे गए बिजली कनेक्शन बहाल करने की घोषणा के चलते सुविधा कैंप लगाए गए

डेराबस्सी । पंजाब सरकार द्वारा 2 किलोवाट तक के खपत कारों के बिजली के बकाया बिलों और काटे गए बिजली कनेक्शनों को दोबारा जोड़ने के लिए जारी शिकायतों की पालना करते हुए डेराबस्सी बलाक के तहत 5 जगह सुविधा कैंप लगाए गए। इनमें भारी तादाद में लोग सुबह से लेकर शाम तक बकाया बिल माफ कराने पहुंचे। हालांकि सरकार की इस राहत योजना से हजारों खपतकार लाभार्थी बनने की दौड़ में हैं परंतु जिन खपतकारों ने बिल समय पर चुकता किए, उनकी तादाद बिलमाफ लाभार्थियों से कहीं ज्यादा है। नियमानुसार बिल जमा कराने वालों के लिए कोई राहत योजना न होने से एक बड़े वर्ग में निराशा पाई जा रही है।
पंजाब का सीएम बनते ही चरणजीत सिंह चन्नी ने प्रदेश में दो किलोवाट लोड वाले खपतकाराें के बकाया बिल माफ करने और काटे गए बिजली कनेक्शन बहाल करने की घोषणा की थी। इसी के तहत अब हकदार लाभार्थियों की वेरीफिकेशन की जा रही है। मंगलवार को  पंजाब पंजाब स्टेट पावर कारपोरेशन लिमिटेड की लालडू  डिवीजन के तहत लगाए गए पांच कैंपों का जायजा लेने खुद विभाग के मोहाली के सुपरिटेंडेंट इंजीनियर मोहित सूद,  एसडीएम डेराबस्सी कुलदीप बाबा, लालडू के सीनियर एक्सीयन इंदरप्रीत सिंह  भी पहुंचे। पहले ही दिन 1200 से अधिक खपतकारों के आवेदन जमा किए गए जिन्हें वेरीफिकेशन के बाद हकदारों को इसका लाभ दिया जाएगा। लालडू डिवीजन के तहत बरौली, लालडू, डेराबस्सी शह, मुबारिकपुर और हंडेसरा में कैंप आयोजित किए गए। इन पांच कैंपों में 1200 के करीब खपतकारों ने अपनी बिजली के बिलों की माफी संबंधी विनय पत्र जमा कराए। अधिकारियों के अनुसार आने वाले दिनों में भी ये कैंप सुविधा खपतकारों के लिए लगाए जाते रहेंगे। लालडू डिवीजन के तहत दो किलोवाट तक वाले करीब 11 हजार खपतकार हैं। महकमे के पास ऐसे खपतकारों का आंकड़ा तो है परंतु बकाया बिल और काटे गए कनेक्शंस वालों का आंकड़ा अभी तक भी उपलब्ध नहीं है। लालडू एक्सीयन इंद्रपीत सिंह ने कहा कि यह आंकड़ा जुटाया जा रहा है। समय पर बिल चुकता करने वाले खपतकारों को राहत न मिलने के सवाल पर उन्होंने कहा कि ऐसी कोई योजना फिलहाल सरकार की तरफ से नहीं आई है। भविष्य में यदि ऐसा कोई राहत जारी हुई तो उसे जरुर लागू करेंगे। बहरहाल, जो सरकारी निर्देश हैं, उनका पालन किया जा रहा है।



Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *