Tuesday, 20 October 2026
BREAKING
• चिट्टे के खिलाफ हिमाचल सरकार का निर्णायक प्रहार, नशा तस्करों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति • भाजपा प्रदेश प्रभारी श्रीकांत शर्मा आज से नौ दिवसीय दौरे पर, दुर्गम क्षेत्रों में करेंगे संगठन की समीक्षा • राखीगढ़ी ऐतिहासिक स्थल हजारों वर्ष पुरानी पहचान, आत्मीयता और स्वाभिमान का प्रतीक : नायब सिंह सैनी • पंचकूला में 2 नवंबर को होगा जनप्रतिनिधि सम्मेलन, विधान सभा अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण ने मुख्यमंत्री को दिया निमंत्रण • हरियाणा दिवस पर जाट भवन की नई लिफ्ट का सांसद मनीष तिवारी करेंगे शुभारंभ • हरियाणाः प्राइवेट और पैरा मेडिकल कॉलेजों में तय शुल्क से ज्यादा वसूली करने पर होगी कार्रवाई • अग्रवाल समाज देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है : अशोक बुवानीवाला • किसान को उद्यमी बनाना हमारा उद्देश्य : धनखड़ • हरसिमरत कौर ने गृह मंत्री शाह को लिखा पत्र, नशा-विरोधी कार्यकर्ता की हत्या की सीबीआई जांच की मांग की • पंजाब: 'आप' ने अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के आरोपियों को सजा देने की मांग की

दुनिया

ईरान शुरू से ही शांति चाहता था, शर्तें मान लीं तो स्थायी संघर्ष विराम संभव: सुप्रीम लीडर के प्रतिनिधि इलाही

Updated on Wednesday, April 08, 2026 20:26 PM IST

ईरान में संघर्ष विराम की घोषणा की चौतरफा प्रशंसा हो रही है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आधिकारिक ट्रुथ सोशल पोस्ट के जरिए इसकी जानकारी दी। ईरान की ओर से भी 2 हफ्ते की अस्थायी सहमति जताई गई है। बदले भू-राजनीतिक हालात के बीच कुछ सवालों के जवाब तलाशे जा रहे हैं। भारत में ईरानी सर्वोच्च नेता के प्रतिनिधि डॉ. अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने ईरान की सोच-विचार और उसकी कोशिशों के बारे में बताया है। आईएएनएस से एक्सक्लूसिव बातचीत में इलाही ने स्पष्ट कहा कि ईरान ये संघर्ष नहीं चाहता था और हम कभी भी न्यूक्लियर वेपन के समर्थक नहीं रहे।

डॉ. इलाही मानते हैं कि अमेरिका संघर्षविराम के लिए मजबूर हुआ। उन्होंने इसकी वजहें भी गिनवाईं। कहा, “यूएस को संघर्ष विराम का ऐलान करने के लिए मजबूर होना पड़ा क्योंकि वे जंग जारी नहीं रख सकते थे। उन्होंने बहुत बड़ी गलती की थी। पिछले 41 दिनों में वे जंग रोकना चाहते थे, लेकिन वे ऐसा नहीं कर सके। आखिर में, जब उन्हें एहसास हुआ कि वे इस युद्ध को जारी नहीं रख सकते और वे और हारेंगे, तो उन्होंने सीजफायर के नाम पर इस युद्ध को रोकने का ऐलान किया।”

इलाही ने कहा, “मुझे लगता है कि शुरू से ही हम जंग नहीं चाहते थे। यह जंग हम पर थोपी गई थी। दूसरी बात, हमें एहसास हुआ कि इस जंग से अलग-अलग देशों के बहुत से अलग-अलग लोगों को नुकसान हुआ है, और हम ऐसा नहीं चाहते थे।

जब उनसे पूछा गया कि क्या उन्हें लगता है कि सीजफायर से कोई स्थायी हल निकल सकता है? तो ईरान के सुप्रीम लीडर के रिप्रेजेंटेटिव बोले, “हमारी शर्त के साथ, अगर वे हमारी शर्तें मान लेते हैं, तो हां, यह इस जंग का अंत होगा।”

अमेरिका का आरोप कि ईरान यूरेनियम संवर्द्धन में लगा है पर ईरान का क्या मत है? डॉ. अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने अपने सर्वोच्च नेता की बात याद करते हुए कहा, “…शुरू से ही, शायद 30 साल या उससे भी पहले, हमारे सुप्रीम लीडर ने साफ-साफ ऐलान किया था कि परमाणु हथियार हमारे धर्म के हिसाब से हराम है, ये हमारे पास नहीं हो सकता। हम नहीं चाहते, हम नहीं चाहते थे, हम अभी नहीं चाहते और भविष्य में भी नहीं, कभी नहीं, हम न्यूक्लियर वेपन नहीं चाहते और यह बात सब जानते हैं।”

आखिर जो संकट पैदा हुई उसकी वजह क्या रही? गल्फ देशों ने भी ईरान पर कुछ आरोप लगाए हैं। इस पर इलाही ने कहा, “इस इलाके में झगड़े, संकट तब से पैदा हुए जब से अमेरिका 7,000 मील दूर से इस इलाके में आया और इस इलाके में बहुत सारे झगड़े और मुश्किलें लेकर आया। यह पहली बात है। दूसरी बात जो मैं ऐलान करना चाहता हूं, वह यह है कि हम जानते हैं कि अमेरिका हम पर न्यूयॉर्क, कैलिफोर्निया, वाशिंगटन से हमला नहीं करता। वे बेस कहां हैं जिनका इस्तेमाल करके अमेरिका ने हम पर हमला किया? बिल्कुल, वे बेस इसी अरब देश में थे।”

ईरान को उम्मीद है कि दुनिया समझ चुकी है कि इस क्षेत्र को छेड़ा तो नुकसान किसी एक को नहीं पूरी दुनिया को उठाना पड़ सकता है। इलाही ने उम्मीद जताई कि वैश्विक संकट खत्म हो जाएगा। बोले, “मुझे उम्मीद है कि यह ग्लोबल संकट खत्म हो जाएगा, लेकिन दूसरे देशों को एहसास है कि अगर इस खाड़ी, फारस की खाड़ी में लड़ाई और संकट होता है, तो उन्हें नुकसान होगा। इसलिए अब उन्हें एक साथ आवाज उठानी होगी और इस इलाके में किसी भी देश पर हमला करने से रोकना होगा।”

Have something to say? Post your comment
एलन मस्क का बड़ा ऐलान, अगले साल अमेरिका के हर बच्चे को मिलेगा 'स्पेसएक्स' का एक शेयर

: एलन मस्क का बड़ा ऐलान, अगले साल अमेरिका के हर बच्चे को मिलेगा 'स्पेसएक्स' का एक शेयर

IMF की चेतावनी: साइबर हमले वित्तीय सिस्टम का भरोसा हिला सकते हैं

: IMF की चेतावनी: साइबर हमले वित्तीय सिस्टम का भरोसा हिला सकते हैं

'हमारे पास भी आपसे हिसाब चुकता करने के लिए है बहुत कुछ', नेतन्याहू की बयानबाजी पर अराघची का पलटवार

: 'हमारे पास भी आपसे हिसाब चुकता करने के लिए है बहुत कुछ', नेतन्याहू की बयानबाजी पर अराघची का पलटवार

फ्रांस हिंसा पर ईरान ने ली चुटकी, सख्‍त कार्रवाई वाले बयान पर मैक्रों को याद द‍िलाया 'प्रदर्शन का अधिकार'

: फ्रांस हिंसा पर ईरान ने ली चुटकी, सख्‍त कार्रवाई वाले बयान पर मैक्रों को याद द‍िलाया 'प्रदर्शन का अधिकार'

राजनयिक संबंधों के 78 साल पूरे, उत्तर कोरिया ने कहा- रूस हमारा अहम दोस्त

: राजनयिक संबंधों के 78 साल पूरे, उत्तर कोरिया ने कहा- रूस हमारा अहम दोस्त

फ्रांस में हिंसक प्रदर्शनों के बाद मैक्रों सख्त, कहा- नुकसान करने वालों से भरपाई कराई जाएगी

: फ्रांस में हिंसक प्रदर्शनों के बाद मैक्रों सख्त, कहा- नुकसान करने वालों से भरपाई कराई जाएगी

भारत-अमेरिका व्यापार समझौता अंतिम चरण में, जल्द हो सकता है ऐलान: मार्को रुबियो

: भारत-अमेरिका व्यापार समझौता अंतिम चरण में, जल्द हो सकता है ऐलान: मार्को रुबियो

कनाडा के वेनराइट सैन्य अड्डे में लगी भीषण आग में कई की मौत, पीएम कार्नी ने जताया दुख

: कनाडा के वेनराइट सैन्य अड्डे में लगी भीषण आग में कई की मौत, पीएम कार्नी ने जताया दुख

रूसी तेल पर छूट को लेकर रुबियो बोले-भारत अहम साझेदार, निर्भरता तुरंत खत्म करना आसान नहीं

: रूसी तेल पर छूट को लेकर रुबियो बोले-भारत अहम साझेदार, निर्भरता तुरंत खत्म करना आसान नहीं

रूसी तेल खरीद में राहत का रूस ने क‍िया स्‍वागत, अमेरिकी फैसले को बताया ऐतिहासिक कदम

: रूसी तेल खरीद में राहत का रूस ने क‍िया स्‍वागत, अमेरिकी फैसले को बताया ऐतिहासिक कदम

X