Monday, 19 October 2026
BREAKING
• चिट्टे के खिलाफ हिमाचल सरकार का निर्णायक प्रहार, नशा तस्करों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति • भाजपा प्रदेश प्रभारी श्रीकांत शर्मा आज से नौ दिवसीय दौरे पर, दुर्गम क्षेत्रों में करेंगे संगठन की समीक्षा • राखीगढ़ी ऐतिहासिक स्थल हजारों वर्ष पुरानी पहचान, आत्मीयता और स्वाभिमान का प्रतीक : नायब सिंह सैनी • पंचकूला में 2 नवंबर को होगा जनप्रतिनिधि सम्मेलन, विधान सभा अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण ने मुख्यमंत्री को दिया निमंत्रण • हरियाणा दिवस पर जाट भवन की नई लिफ्ट का सांसद मनीष तिवारी करेंगे शुभारंभ • हरियाणाः प्राइवेट और पैरा मेडिकल कॉलेजों में तय शुल्क से ज्यादा वसूली करने पर होगी कार्रवाई • अग्रवाल समाज देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है : अशोक बुवानीवाला • किसान को उद्यमी बनाना हमारा उद्देश्य : धनखड़ • हरसिमरत कौर ने गृह मंत्री शाह को लिखा पत्र, नशा-विरोधी कार्यकर्ता की हत्या की सीबीआई जांच की मांग की • पंजाब: 'आप' ने अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के आरोपियों को सजा देने की मांग की

दुनिया

कीमतों में बढ़ोतरी की आशंका के बीच अमेरिका ने रूसी तेल पर छूट का बचाव किया

Updated on Thursday, April 23, 2026 12:24 PM IST

 

वाशिंगटन : अमेरिका के ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने रूस के तेल पर लगाए गए प्रतिबंधों में दी गई अस्थायी छूट का बचाव किया। उन्होंने कहा कि इस फैसले से दुनिया भर में तेल की कीमतों में अचानक बड़ी बढ़ोतरी होने से रोका जा सका। हालांकि, डेमोक्रेट नेताओं ने चेतावनी दी कि इससे रूस को युद्ध के लिए पैसा मिल सकता है और ईंधन महंगा बना रह सकता है। सीनेट की एक समिति के सामने बोलते हुए बेसेंट ने कहा कि यह कदम उस समय उठाया गया जब बाजार में काफी अनिश्चितता थी, ताकि तेल की सप्लाई स्थिर रखी जा सके। उन्होंने बताया, “हम 25 करोड़ बैरल से ज्यादा तेल बाजार में बनाए रखने में सफल रहे।”


बेसेंट ने कहा कि अगर यह छूट नहीं दी जाती, तो कीमतें और ज्यादा बढ़ सकती थीं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा, “आज तेल की कीमत करीब 100 डॉलर है। अगर हमने यह राहत नहीं दी होती, तो यह 150 डॉलर तक जा सकती थी।” उन्होंने कहा कि यह नीति आम लोगों को राहत देने के लिए बनाई गई है। कम कीमत लोगों के लिए बेहतर है।
वहीं, डेमोक्रेट नेताओं ने इस फैसले का विरोध किया। क्रिस कून्स ने कहा कि इस छूट से रूस को अरबों डॉलर मिल सकते हैं और इससे उस पर दबाव कम हो जाएगा, जो इस समय बहुत जरूरी है। उन्होंने यह भी कहा कि आम लोग आज भी महंगा पेट्रोल खरीद रहे हैं। उन्होंने कहा, “डेलावेयर में लोग 4 डॉलर प्रति गैलन के हिसाब से पेट्रोल खरीद रहे हैं।”
कून्स ने सवाल उठाया कि क्या इस नीति से सच में लोगों को कोई राहत मिली है। इस पर बेसेंट ने जवाब दिया कि रूस या ईरान को इससे कोई बड़ा फायदा नहीं हुआ है। उन्होंने कहा, “मैं इस बात से बिल्कुल सहमत नहीं हूं।”


उन्होंने बताया कि इस छूट को बढ़ाने का फैसला दुनिया के कई गरीब और कमजोर देशों की मांग पर लिया गया था। उन्होंने कहा, “10 से ज्यादा गरीब देशों ने हमसे इस छूट को बढ़ाने की अपील की थी, इसलिए इसे सिर्फ 30 दिनों के लिए बढ़ाया गया।”


इसी बीच, कुछ नेताओं ने बढ़ती ईंधन कीमतों पर भी चिंता जताई। जैक रीड ने कहा कि अमेरिका में लोग 4 डॉलर प्रति गैलन से ज्यादा कीमत पर पेट्रोल खरीद रहे हैं, जो आम परिवारों पर बोझ है।
बेसेंट ने कहा कि बाजार के हालात धीरे-धीरे बेहतर हो सकते हैं। उन्होंने बताया कि तेल बाजार इस समय “बैकवर्डेशन” की स्थिति में है, यानी आगे चलकर कीमतें कम हो सकती हैं।
उन्होंने उम्मीद जताई, “मुझे लगता है कि यह संघर्ष खत्म होगा और पेट्रोल की कीमतें फिर पहले जैसी या उससे भी कम हो जाएंगी।”


यह पूरी बहस अमेरिका की राजनीति में मतभेद को दिखाती है। सरकार का कहना है कि थोड़ी लचीलापन रखने से बाजार स्थिर रहता है, जबकि आलोचकों का मानना है कि इससे रूस पर दबाव कम होता है। रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद से रूस के ऊर्जा क्षेत्र पर प्रतिबंध पश्चिमी देशों की नीति का अहम हिस्सा रहे हैं। कोशिश यह रही है कि रूस की कमाई कम हो, लेकिन दुनिया में तेल की सप्लाई पर बड़ा असर न पड़े।


दुनिया में तेल की कीमतें अब भी अंतरराष्ट्रीय तनाव, खासकर मध्य पूर्व की स्थिति से प्रभावित होती हैं। वहां किसी भी तरह की गड़बड़ी से कीमतें तेजी से बढ़ सकती हैं, जिसका असर भारत जैसे बड़े तेल आयात करने वाले देशों पर भी पड़ता है।

Have something to say? Post your comment
एलन मस्क का बड़ा ऐलान, अगले साल अमेरिका के हर बच्चे को मिलेगा 'स्पेसएक्स' का एक शेयर

: एलन मस्क का बड़ा ऐलान, अगले साल अमेरिका के हर बच्चे को मिलेगा 'स्पेसएक्स' का एक शेयर

IMF की चेतावनी: साइबर हमले वित्तीय सिस्टम का भरोसा हिला सकते हैं

: IMF की चेतावनी: साइबर हमले वित्तीय सिस्टम का भरोसा हिला सकते हैं

'हमारे पास भी आपसे हिसाब चुकता करने के लिए है बहुत कुछ', नेतन्याहू की बयानबाजी पर अराघची का पलटवार

: 'हमारे पास भी आपसे हिसाब चुकता करने के लिए है बहुत कुछ', नेतन्याहू की बयानबाजी पर अराघची का पलटवार

फ्रांस हिंसा पर ईरान ने ली चुटकी, सख्‍त कार्रवाई वाले बयान पर मैक्रों को याद द‍िलाया 'प्रदर्शन का अधिकार'

: फ्रांस हिंसा पर ईरान ने ली चुटकी, सख्‍त कार्रवाई वाले बयान पर मैक्रों को याद द‍िलाया 'प्रदर्शन का अधिकार'

राजनयिक संबंधों के 78 साल पूरे, उत्तर कोरिया ने कहा- रूस हमारा अहम दोस्त

: राजनयिक संबंधों के 78 साल पूरे, उत्तर कोरिया ने कहा- रूस हमारा अहम दोस्त

फ्रांस में हिंसक प्रदर्शनों के बाद मैक्रों सख्त, कहा- नुकसान करने वालों से भरपाई कराई जाएगी

: फ्रांस में हिंसक प्रदर्शनों के बाद मैक्रों सख्त, कहा- नुकसान करने वालों से भरपाई कराई जाएगी

भारत-अमेरिका व्यापार समझौता अंतिम चरण में, जल्द हो सकता है ऐलान: मार्को रुबियो

: भारत-अमेरिका व्यापार समझौता अंतिम चरण में, जल्द हो सकता है ऐलान: मार्को रुबियो

कनाडा के वेनराइट सैन्य अड्डे में लगी भीषण आग में कई की मौत, पीएम कार्नी ने जताया दुख

: कनाडा के वेनराइट सैन्य अड्डे में लगी भीषण आग में कई की मौत, पीएम कार्नी ने जताया दुख

रूसी तेल पर छूट को लेकर रुबियो बोले-भारत अहम साझेदार, निर्भरता तुरंत खत्म करना आसान नहीं

: रूसी तेल पर छूट को लेकर रुबियो बोले-भारत अहम साझेदार, निर्भरता तुरंत खत्म करना आसान नहीं

रूसी तेल खरीद में राहत का रूस ने क‍िया स्‍वागत, अमेरिकी फैसले को बताया ऐतिहासिक कदम

: रूसी तेल खरीद में राहत का रूस ने क‍िया स्‍वागत, अमेरिकी फैसले को बताया ऐतिहासिक कदम

X