Monday, 19 October 2026
BREAKING
• हसनपुर के एमआर स्कूल में लगेगा कृषि मेला, फल-सब्जी की खेती, डेयरी और मछली पालन से किसानों की आय बढ़ाने पर रहेगा जोर : ओमप्रकाश धनखड़ • संत नामदेव जी की शिक्षाएं मानवता, समानता और श्रम के सम्मान का संदेश देती हैं : नायब सिंह सैनी • ऊर्जा मंत्री अनिल विज की कार्यशैली से प्रभावित होकर वार्ड छह के पार्षद संदीप शर्मा व आशुतोष सहित सैकड़ों लोगों ने भाजपा का दामन थामा • हरियाणा में जम्मू-कश्मीर जा रही बस पर हमले के बाद उमर अब्दुल्ला ने सख्त कार्रवाई की मांग की • कुरुक्षेत्र में कश्मीरी स्लीपर बस पर हमले से भड़के ट्रांसपोर्टर, बोले-यहां होता तो हम जेल में होते • भिवानी में भजन संध्या…ऐसी लागी लगन मीरा हो गई मगन,वो तो गली गली हरि गुण गाने लगी • अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने के लिए उत्तराखंड में 22 अक्टूबर से न्याय यात्रा निकालेगी कांग्रेस : कुमारी सैलजा • परविंदर सिंह झोटा के पिता का संघर्ष सराहनीय, ये पूरे पंजाब की लड़ाई : परगट सिंह • अमित शाह 20 अक्टूबर को करेंगे पंजाब का दौरा, बिट्टू बोले- 'राज्य को नशा-मुक्त बनाने के लिए साथ दे जनता' • कनाडा में HPGA ने मनाया कुल्लू दशहरा, वर्चुअली जुड़े CM सुक्खू; विदेशी धरती पर परोसी गई हिमाचली धाम

खेल

सत्यजीत रे से 'डेढ़ मिनट' की मुलाकात में जावेद सिद्दीकी बने थे संवाद लेखक, ऐसे तैयार हुई थी 'शतरंज के खिलाड़ी' की स्क्रिप्ट

Updated on Saturday, May 02, 2026 17:30 PM IST

मुंबई : भारत के महानतम फिल्मकार सत्यजीत रे की पहली फिल्म ‘पाथेर पांचाली’ बनाने के पीछे का संघर्ष आज भी प्रेरणादायक है। फिल्म बनाने के लिए वे प्रोड्यूसर्स के पास नोटबुक लेकर जाते थे और अपनी जीवन बीमा पॉलिसी तक गिरवी रख दी थी। 1956 में कान फिल्म फेस्टिवल में अपनी पहली फिल्म दिखाकर उन्होंने भारतीय सिनेमा को विश्व स्तर पर नई पहचान दिलाई। हालांकि वह अपनी हर एक फिल्म के छोटे से छोटे हिस्से को बखूबी मांजते थे।

सत्यजीत रे का सिनेमा यथार्थवादी था। इसमें मारधाड़, नाच-गाना या सपनों की दुनिया नहीं थी। उनकी फिल्मों में भूख, गरीबी, सामाजिक अन्याय और सदियों से शोषित महिलाओं की पीड़ा दिखती थी। मुंबई के व्यावसायिक सिनेमा और सत्यजीत रे के गंभीर सिनेमा में जमीन-आसमान का अंतर था। उन्होंने समाज की समस्याओं पर रचनात्मक हस्तक्षेप किया।

लेखक जावेद सिद्दीकी ने एक इंटरव्यू में सत्यजीत रे और उनकी फिल्म 'शतरंज के खिलाड़ी' से जुड़ी यादें साझा की थी। उन्होंने बताया था कि ‘शतरंज के खिलाड़ी’ उनकी फिल्मी यात्रा की शुरुआत थी। उससे पहले उन्होंने कोई फिल्म नहीं लिखी थी। पत्रकारिता छोड़ने के बाद उनकी दोस्त लेखिका शमा जैदी ने बताया कि सत्यजीत रे उनसे मिलना चाहते हैं। जावेद सिद्दीकी ने पहले तो इसे मजाक समझा लेकिन बॉम्बे के होटल में गए।

वह बताते हैं, “सत्यजीत रे की आवाज बहुत गहरी और प्रभावशाली थी। उन्होंने खुद दरवाजा खोला। मैंने पहली बार इतने लंबे बंगाली व्यक्ति को देखा। वे करीब छह फीट दो इंच लंबे थे। सफेद खादी का कुर्ता-पजामा पहने हुए थे। उनकी व्यक्तित्व बहुत आकर्षक था। सत्यजीत रे सोचते समय चश्मे की डंडी या रुमाल का कोना चबाने लगते थे। उन्होंने जावेद सिद्दीकी से कहा, “मुझे बताया गया है कि आप बहुत अच्छे कहानीकार हैं।” जावेद सिद्दीकी ने जवाब दिया कि वे उर्दू में लिखते हैं। सत्यजीत रे ने कहा, “यह मेरी स्क्रिप्ट है, आप डायलॉग लिखिए।” पूरी मुलाकात सिर्फ डेढ़ मिनट की थी। जावेद सिद्दीकी हैरान थे। वे शमा जैदी के पास गए और पूछा कि डायलॉग कैसे लिखे जाते हैं। डायलॉग लिखने के बाद प्रोड्यूसर सुरेश जिंदल काफी घबराए हुए थे।

उन्होंने बताया था कि फिल्म महत्वपूर्ण थी और दुनिया उसका इंतजार कर रही थी। सुरेश जिंदल ने मुंबई के कई पढ़े-लिखे और उर्दू जानने वाले लोगों को बुलाया। 20 लोगों की एक सभा में जावेद सिद्दीकी ने पहले फ्रेम से आखिरी फ्रेम तक डायलॉग पढ़कर सुनाए। सब चुप थे। तभी सत्यजीत रे की आवाज आई, “मुझे नहीं पता कि आपने क्या लिखा है, लेकिन जो भी है उसकी साउंडिग जबरदस्त है। यह जुमला जावेद सिद्दीकी कभी नहीं भूल पाए।

सत्यजीत रे को उनके करीबी ‘मानिक दा’ कहकर पुकारते थे। वे बेहद मेहनती थे। फिल्म बनाने में वे खुद कैमरा चलाते थे, बैकग्राउंड म्यूजिक देते थे और एडिटिंग भी खुद देखते थे। छोटी-छोटी बातों पर गौर करते थे। जीवन में आए तमाम संघर्षों के बाद भी उन्होंने कभी समझौता नहीं किया। उनका सिनेमा हमेशा समाज की हकीकत पर आधारित रहा।

‘जावेद सिद्दीकी बताते हैं कि मानिक दा से उन्होंने बहुत कुछ सीखा। वे फिल्म को गहराई से महसूस करके बनाते थे। सत्यजीत रे की मेहनत, समर्पण और यथार्थवाद फिल्मकारों को हमेशा प्रेरित करता रहेगा।

 

Have something to say? Post your comment
शाई होप ने हमारे लिए मुश्किल खड़ी की, शानदार प्रदर्शन के लिए उन्हें बधाई: श्रेयस अय्यर

: शाई होप ने हमारे लिए मुश्किल खड़ी की, शानदार प्रदर्शन के लिए उन्हें बधाई: श्रेयस अय्यर

घरेलू मैदान पर भारत के लिए कठिन रही सीरीज, वेस्टइंडीज को खुद पर गर्व होना चाहिए: अभिषेक नायर

: घरेलू मैदान पर भारत के लिए कठिन रही सीरीज, वेस्टइंडीज को खुद पर गर्व होना चाहिए: अभिषेक नायर

वर्ल्ड कप 2027 के लिए बुमराह की यह कैसी तैयारी? 2023 के बाद खेले हैं सिर्फ दो वनडे मैच

: वर्ल्ड कप 2027 के लिए बुमराह की यह कैसी तैयारी? 2023 के बाद खेले हैं सिर्फ दो वनडे मैच

भारत बनाम वेस्टइंडीज: पांचवें टी20 मैच पर बारिश का साया, जानिए बेंगलुरु में कैसा रहेगा मौसम का हाल

: भारत बनाम वेस्टइंडीज: पांचवें टी20 मैच पर बारिश का साया, जानिए बेंगलुरु में कैसा रहेगा मौसम का हाल

दिल्ली कैपिटल्स की आधिकारिक घोषणा, श्रीलंकाई दिग्गज चामिंडा वास को बनाया तेज गेंदबाजी कोच

: दिल्ली कैपिटल्स की आधिकारिक घोषणा, श्रीलंकाई दिग्गज चामिंडा वास को बनाया तेज गेंदबाजी कोच

अगरकर के जाने के बाद भी मौका नहीं, क्या मोहम्मद शमी के लिए टीम इंडिया में वापसी के रास्ते अब बंद हो चुके हैं?

: अगरकर के जाने के बाद भी मौका नहीं, क्या मोहम्मद शमी के लिए टीम इंडिया में वापसी के रास्ते अब बंद हो चुके हैं?

पहला टी20: डेब्यूटेंट निकी के साथ दीप्ति ने जुटाए 82 रन, भारत ने जिम्बाब्वे को 4 विकेट से हराया

: पहला टी20: डेब्यूटेंट निकी के साथ दीप्ति ने जुटाए 82 रन, भारत ने जिम्बाब्वे को 4 विकेट से हराया

न्यूजीलैंड के खिलाफ भारत की वनडे और टेस्ट टीम घोषित, 50 ओवरों के फॉर्मेट में 2 अलग कप्तान

: न्यूजीलैंड के खिलाफ भारत की वनडे और टेस्ट टीम घोषित, 50 ओवरों के फॉर्मेट में 2 अलग कप्तान

भुवनेश्वर कुमार वेस्टइंडीज के खिलाफ पांचवें टी20 मैच के लिए भारतीय टीम में शामिल

: भुवनेश्वर कुमार वेस्टइंडीज के खिलाफ पांचवें टी20 मैच के लिए भारतीय टीम में शामिल

जन्मदिन विशेष: अनिल कुंबले को भारतीय टीम की कप्तानी देर से मिलने का था मलाल, गांगुली की नेतृत्व क्षमता से हुए थे प्रभावित

: जन्मदिन विशेष: अनिल कुंबले को भारतीय टीम की कप्तानी देर से मिलने का था मलाल, गांगुली की नेतृत्व क्षमता से हुए थे प्रभावित

X