नालागढ़ : देशभर के ट्रांसपोर्ट संगठनों द्वारा घोषित तीन दिवसीय चक्का जाम का असर अब बीबीएन में भी साफ दिखाई देने लगा है। ऑल इंडिया मोटर्स ट्रांसपोर्ट कांग्रेस की ओर से एनजीटी टैक्स में बढ़ोतरी और दिल्ली में बीएस-4 वाहनों के प्रवेश पर लगे प्रतिबंध के विरोध में 21 मई से 23 मई तक दिल्ली में चक्का जाम का ऐलान किया गया है। इस आंदोलन को एशिया की सबसे बड़ी ट्रक यूनियन का भी समर्थन मिल गया है, जिसके बाद उद्योग जगत और ट्रांसपोर्ट कारोबारियों की चिंताएं बढ़ गई हैं। बीबीएन से रोजाना बड़ी संख्या में ट्रक दिल्ली और उससे जुड़े राज्यों के लिए औद्योगिक उत्पाद लेकर रवाना होते हैं।
ऐसे में दिल्ली में तीन दिन तक लोडिंग और अनलोडिंग पूरी तरह बंद रहने की घोषणा ने उद्योगों की सप्लाई चेन पर असर पडऩे की आशंका पैदा कर दी है। ट्रांसपोर्ट यूनियनों ने स्पष्ट कर दिया है कि 20 मई से ही दिल्ली बॉर्डर पर ट्रकों की आवाजाही प्रभावित हो जाएगी और दिल्ली एनसीआर के लिए कोई भी वाहन रवाना नहीं किया जाएगा। इसी को देखते हुए ट्रक यूनियन नालागढ़ ने बीबीएन उद्योगपतियों, व्यापारियों और ट्रांसपोर्टरों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
उद्योगों की सप्लाई पर असर
बीबीएन क्षेत्र के उद्योगों के लिए दिल्ली और एनसीआर सबसे बड़ा बाजार माना जाता है। यहां से फार्मा, पैकेजिंग, ऑटो पाट्र्स, एफएमसीजी और अन्य उत्पाद बड़ी मात्रा में दिल्ली के रास्ते देशभर में भेजे जाते हैं। ऐसे में यदि तीन दिन तक ट्रांसपोर्ट व्यवस्था प्रभावित रहती है, तो इसका असर उद्योगों पर भी पड़ सकता है।
कारोबार पर मार
उद्योग जगत के कई प्रतिनिधियों का मानना है कि यदि आंदोलन लंबा खिंचता है, तो बीबीएन की औद्योगिक गतिविधियों पर भी व्यापक असर देखने को मिल सकता है।
दिल्ली के ट्रांसपोर्टर रोकेंगे गाडिय़ां
ट्रक यूनियन नालागढ़ के प्रधान विद्या रतन ने कहा कि 20 मई को दिल्ली एनसीआर के लिए कोई भी वाहन रवाना नहीं होगा। दिल्ली के ट्रांसपोर्टर वाहनों को रोकेंगे, जिसके चलते दिल्ली में एंट्री संभव नहीं हो पाएगी। उन्होंने उद्योगपतियों से आवश्यक डिस्पैच और ट्रांसपोर्ट प्लानिंग समय रहते पूरी करने की अपील की। दिल्ली में पहले ही पहली नवंबर से बीएस-4 वाहनों के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध लागू है। अब बीएस-6 ट्रकों पर भी विभिन्न शुल्क और ग्रीन टैक्स जारी रखने के विरोध में देशभर के ट्रांसपोर्ट संगठन एक मंच पर आ गए हैं।