नाहन: भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने डीजल और पेट्रोल के दामों में 60 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी को लेकर प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार ने प्रदेश की जनता पर लगातार टैक्स, शुल्क और महंगाई का बोझ डालने को अपनी नीति बना लिया है। अब पेट्रोल-डीजल के दामों में 60 पैसे प्रति लीटर की नई बढ़ोतरी आम आदमी की जेब पर एक और प्रहार है, जिसकी भारतीय जनता पार्टी कड़े शब्दों में निंदा करती है।
डॉ. बिंदल ने कहा कि कांग्रेस सरकार के सत्ता में आने के बाद से प्रदेश की जनता पर आर्थिक बोझ लगातार बढ़ा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता संभालते ही सरकार ने डीजल पर वैट बढ़ाकर करीब 7 रुपये प्रति लीटर का अतिरिक्त बोझ डाला। इसके बाद अलग-अलग नामों से टैक्स और शुल्क बढ़ाने का सिलसिला जारी रहा और अब पेट्रोल-डीजल पर 60 पैसे प्रति लीटर की नई बढ़ोतरी की गई है।
उन्होंने कहा कि ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी का असर केवल पेट्रोल पंप तक सीमित नहीं रहता। डीजल-पेट्रोल महंगा होने से माल ढुलाई की लागत बढ़ती है, टैक्सी और अन्य परिवहन सेवाएं महंगी होती हैं तथा रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतों पर भी इसका असर पड़ सकता है। हिमाचल जैसे पहाड़ी राज्य में, जहां परिवहन अर्थव्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी है, ईंधन की कीमतों में प्रत्येक बढ़ोतरी का व्यापक प्रभाव पड़ता है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि किसान और बागवान भी ईंधन की बढ़ती कीमतों से सीधे प्रभावित होंगे। कृषि एवं बागवानी कार्यों में मशीनरी के संचालन से लेकर उपज को मंडियों तक पहुंचाने तक डीजल-पेट्रोल का व्यापक इस्तेमाल होता है। ऐसे में परिवहन लागत बढ़ने से किसानों और बागवानों की उत्पादन लागत भी बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि पहले से आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रहे प्रदेशवासियों को राहत देने के बजाय कांग्रेस सरकार उन पर लगातार नया आर्थिक बोझ डाल रही है।
डॉ. बिंदल ने कहा कि मामला केवल पेट्रोल और डीजल तक सीमित नहीं है। उनके अनुसार, कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में बिजली की दरों और विभिन्न शुल्कों में बढ़ोतरी हुई है तथा बिजली पर मिलने वाली सब्सिडी में भी कटौती की गई है। इसका असर घरेलू उपभोक्ताओं के साथ-साथ व्यापारियों और छोटे उद्योगों पर भी पड़ रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि राशन डिपो के माध्यम से आम लोगों को मिलने वाली राहत पर भी कैंची चलाई जा रही है। राशन की सब्सिडी में कटौती और पर्याप्त राशन उपलब्ध न होने से गरीब तथा मध्यम वर्ग प्रभावित हो रहा है। कांग्रेस ने चुनाव से पहले महंगाई से राहत देने के बड़े-बड़े वादे किए थे, लेकिन सत्ता में आने के बाद सरकार की नीतियां इसके विपरीत दिखाई दे रही हैं।
डॉ. बिंदल ने कहा कि प्रदेश में स्टाम्प ड्यूटी में कई मामलों में 500 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी की गई है। एचआरटीसी के किराए में भी वृद्धि हुई है और परिवहन क्षेत्र में मिलने वाली विभिन्न रियायतों एवं सब्सिडी पर भी असर पड़ा है। उन्होंने आरोप लगाया कि एक तरफ सरकार लोगों की आय बढ़ाने और रोजगार के अवसर पैदा करने में विफल रही है, वहीं दूसरी तरफ टैक्स और शुल्क बढ़ाकर जनता की जेब पर बोझ डाला जा रहा है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश की आर्थिक स्थिति को लेकर भी सरकार को जवाब देना चाहिए। कांग्रेस सरकार अपने कार्यकाल में लगभग 45 हजार करोड़ रुपये का कर्ज ले चुकी है। यदि सरकार इतना भारी कर्ज ले रही है और साथ ही जनता पर लगातार टैक्स एवं शुल्क भी बढ़ा रही है, तो उसे बताना चाहिए कि यह पैसा कहां खर्च हो रहा है और प्रदेश में धरातल पर विकास क्यों दिखाई नहीं दे रहा है।
डॉ. बिंदल ने कांग्रेस सरकार को “तालाबंदी और विकास विरोधी सरकार” करार देते हुए कहा कि एक तरफ संस्थानों और सुविधाओं पर ताले लगाए गए और दूसरी तरफ प्रदेश की जनता पर आर्थिक बोझ लगातार बढ़ाया गया। उन्होंने कहा कि कर्मचारी, पेंशनर, किसान, बागवान, युवा, व्यापारी और आम उपभोक्ता सरकार की आर्थिक नीतियों से परेशान हैं।
उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता अब कांग्रेस सरकार की नीतियों को अच्छी तरह समझ चुकी है। चुनाव के समय बड़ी-बड़ी गारंटियां देकर सत्ता में आई कांग्रेस सरकार अब जनता को राहत देने के बजाय महंगाई और टैक्स का बोझ दे रही है।
डॉ. बिंदल ने कहा कि कांग्रेस सरकार के दिन अब ज्यादा नहीं बचे हैं। प्रदेश की जनता सरकार की नीतियों का पूरा हिसाब करेगी और आने वाले समय में इसका जवाब देगी। भारतीय जनता पार्टी जनता से जुड़े प्रत्येक मुद्दे को मजबूती से उठाती रहेगी और सरकार द्वारा जनता पर डाले जा रहे अनावश्यक आर्थिक बोझ का हर स्तर पर विरोध करेगी।