Saturday, 17 October 2026
BREAKING
• वर्ल्ड कप 2027 के लिए बुमराह की यह कैसी तैयारी? 2023 के बाद खेले हैं सिर्फ दो वनडे मैच • भारत बनाम वेस्टइंडीज: पांचवें टी20 मैच पर बारिश का साया, जानिए बेंगलुरु में कैसा रहेगा मौसम का हाल • लालकृष्ण आडवाणी अपोलो अस्पताल के आईसीयू में भर्ती, डॉ. विनीत सूरी की निगरानी में चल रहा इलाज; हालत स्थिर • फेक सर्वे के जरिए बसपा को कमजोर दिखाने की साजिश, विरोधियों के दुष्प्रचार से सावधान रहें : मायावती • 'अक्का' का टीजर रिलीज, गैंगस्टर वर्ल्ड में दिखेगी दो महिलाओं की जंग • 27वीं सालगिरह पर श्रीराम नेने ने किया माधुरी को विश, बोले- तुम आज भी मेरी फेवरेट हो • दिल्ली कैपिटल्स की आधिकारिक घोषणा, श्रीलंकाई दिग्गज चामिंडा वास को बनाया तेज गेंदबाजी कोच • एकता कपूर के 'हिंदूफोबिया' बयान का पूनम पांडे ने किया समर्थन, बोलीं- मेरे धर्म को मेरे काम से मत जोड़ो • ट्रंप का यू-टर्न: 'ग्राहम एक्ट' लागू पर छूट का ऐलान, रूस से तेल खरीद पर भारत-चीन को फिलहाल टैरिफ से राहत • दीपावली के पीक सीजन में विरोध-प्रदर्शनों से कारोबार प्रभावित, व्यापारी बोले-कनॉट प्लेस प्रदर्शन मुक्त हो

व्यापार

एआई से प्रभावित क्षेत्रों में युवा रोजगार में भारी गिरावट, जनरेटिव एआई के आने के बाद रोजगार पर बढ़ा दबाव: बीओके

Updated on Tuesday, August 18, 2026 12:07 PM IST

सोल : सेंट्रल बैंक की मंगलवार को जारी एक रिपोर्ट के अनुसार, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के तेजी से बढ़ते उपयोग का असर रोजगार बाजार पर भी दिखाई देने लगा है। जनरेटिव एआई तकनीकों, विशेषकर चैटजीपीटी जैसे चैटबॉट्स के आने के बाद एआई से अधिक प्रभावित क्षेत्रों में युवाओं के रोजगार में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है।

बैंक ऑफ कोरिया (बीओके) द्वारा प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक, जून 2022 से जून 2026 के बीच 15 से 29 वर्ष आयु वर्ग के लोगों द्वारा किए जा रहे कुल रोजगारों की संख्या में 2.85 लाख की कमी आई, जिसमें सबसे बड़ी गिरावट उन क्षेत्रों में देखी गई जो एआई के प्रभाव के प्रति अधिक संवेदनशील माने जाते हैं।

योनहाप न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट में कहा गया है कि कुल घटे रोजगारों में से 2.68 लाख नौकरियां, यानी लगभग 94 प्रतिशत, एआई-प्रभावित क्षेत्रों से संबंधित थीं, जिनमें आईटी सेवाएं, प्रकाशन, कंप्यूटर प्रोग्रामिंग और प्रोफेशनल सर्विसेज जैसे क्षेत्र प्रमुख हैं।

इसके विपरीत, 50 वर्ष या उससे अधिक आयु वर्ग के लोगों के रोजगार में वृद्धि दर्ज की गई। इसी अवधि में इस आयु वर्ग के रोजगार में 2.30 लाख की बढ़ोतरी हुई, जिसमें से 1.73 लाख नौकरियां एआई प्रभावित क्षेत्रों में ही बढ़ीं। इससे संकेत मिलता है कि एआई के दौर में अनुभव और विशेषज्ञता वाले कर्मचारियों की मांग अपेक्षाकृत मजबूत बनी हुई है।

रिपोर्ट ने वर्ष 2022 को अध्ययन का आधार वर्ष माना है, क्योंकि इसी वर्ष के अंत में चैटजीपीटी लॉन्च हुआ था और उसके बाद जनरेटिव एआई तकनीकों का उपयोग दुनिया भर में तेजी से बढ़ा।

क्षेत्रवार आंकड़ों पर नजर डालें तो सबसे अधिक गिरावट आईटी सेवाओं में देखी गई, जहां युवाओं का रोजगार 31.4 प्रतिशत घट गया। प्रकाशन क्षेत्र, जिसमें सॉफ्टवेयर और वेब डिजाइन से जुड़े पेशे भी शामिल हैं, वहां रोजगार में 27.4 प्रतिशत की कमी आई।

इसी प्रकार, कंप्यूटर प्रोग्रामिंग क्षेत्र में युवाओं का रोजगार 16.6 प्रतिशत और प्रोफेशनल सर्विसेज क्षेत्र में 11.6 प्रतिशत घटा। ये वे क्षेत्र हैं जहां एआई-आधारित ऑटोमेशन और कंटेंट जनरेशन टूल्स का उपयोग तेजी से बढ़ा है।

शिक्षा के आधार पर बेरोजगारी के आंकड़े भी युवाओं की चुनौतियों को उजागर करते हैं। रिपोर्ट के अनुसार, 2019 से 2022 के बीच स्नातक और स्नातकोत्तर डिग्रीधारकों की औसत बेरोजगारी दर 8.2 प्रतिशत थी, जबकि माध्यमिक शिक्षा या जूनियर कॉलेज स्तर तक पढ़े युवाओं की बेरोजगारी दर 8 प्रतिशत थी।

लेकिन 2022 के बाद यह अंतर बढ़ गया। उच्च शिक्षित युवाओं की बेरोजगारी दर 7 प्रतिशत रही, जबकि कम शैक्षणिक योग्यता वाले युवाओं में यह 5.4 प्रतिशत रही। इस प्रकार दोनों के बीच अंतर बढ़कर 1.6 प्रतिशत अंक हो गया।

बैंक ऑफ कोरिया ने कहा कि देश की लगातार घटती जनसंख्या भी युवाओं के रोजगार में बदलाव का एक महत्वपूर्ण कारण हो सकती है। हालांकि एआई के आगमन ने इस प्रवृत्ति को और तेज कर दिया है।

बीओके के शोध विभाग के शोधकर्ता ओह सैम-इल ने कहा, "एआई युवा कर्मचारियों की उत्पादकता को काफी बढ़ा सकता है। लेकिन इसका दूसरा पहलू यह है कि इन्हें एआई द्वारा प्रतिस्थापित भी किया जा सकता है।"

उन्होंने कहा कि युवाओं की नौकरियों में कमी के लिए पूरी तरह एआई को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता, लेकिन यह निश्चित रूप से उस प्रवृत्ति को तेज कर रहा है जिसमें युवाओं के लिए पारंपरिक करियर सीढ़ी धीरे-धीरे कमजोर होती जा रही है।

 

Have something to say? Post your comment
दीपावली के पीक सीजन में विरोध-प्रदर्शनों से कारोबार प्रभावित, व्यापारी बोले-कनॉट प्लेस प्रदर्शन मुक्त हो

: दीपावली के पीक सीजन में विरोध-प्रदर्शनों से कारोबार प्रभावित, व्यापारी बोले-कनॉट प्लेस प्रदर्शन मुक्त हो

पहली 'कांदा एक्सप्रेस' 440 टन प्याज लेकर अगरतला पहुंचेगी, त्योहारों से पहले आपूर्ति बढ़ाने पर जोर: सरकार

: पहली 'कांदा एक्सप्रेस' 440 टन प्याज लेकर अगरतला पहुंचेगी, त्योहारों से पहले आपूर्ति बढ़ाने पर जोर: सरकार

भारत-ईएफटीए व्यापार समझौते से 2040 तक 100 अरब डॉलर का निवेश और 20 लाख नौकरियों के मिलेंगे अवसर

: भारत-ईएफटीए व्यापार समझौते से 2040 तक 100 अरब डॉलर का निवेश और 20 लाख नौकरियों के मिलेंगे अवसर

यस बैंक को लेकर ब्रोकिंग फर्मों ने अपनाया सतर्क रुख, शेयर फिसले

: यस बैंक को लेकर ब्रोकिंग फर्मों ने अपनाया सतर्क रुख, शेयर फिसले

भारत की अर्थव्यवस्था वित्त वर्ष 27 में 7.1-7.3 प्रतिशत की दर से बढ़ने की उम्मीद, निजी निवेश और मांग रहेगी मजबूत

: भारत की अर्थव्यवस्था वित्त वर्ष 27 में 7.1-7.3 प्रतिशत की दर से बढ़ने की उम्मीद, निजी निवेश और मांग रहेगी मजबूत

सरकार ने सोने-चांदी के ड्यूटी ड्रॉबैक दरों में की कटौती; गोल्ड पर 3.1 प्रतिशत और सिल्वर पर करीब 9 प्रतिशत की कमी

: सरकार ने सोने-चांदी के ड्यूटी ड्रॉबैक दरों में की कटौती; गोल्ड पर 3.1 प्रतिशत और सिल्वर पर करीब 9 प्रतिशत की कमी

भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को जल्द अंतिम रूप देने की जरूरत : निर्मला सीतारमण

: भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को जल्द अंतिम रूप देने की जरूरत : निर्मला सीतारमण

एलन मस्क के आरोपों पर रिलायंस का जवाब, कहा-

: एलन मस्क के आरोपों पर रिलायंस का जवाब, कहा- "सैटेलाइट कम्युनिकेशन में प्रतिस्पर्धा का स्वागत है, भारत के कानून सभी पर समान रूप से लागू"

सरकार ने पेट्रोल निर्यात पर विंडफॉल टैक्स बढ़ाया, डीजल पर शुल्क घटा; नई दरें आज से लागू

: सरकार ने पेट्रोल निर्यात पर विंडफॉल टैक्स बढ़ाया, डीजल पर शुल्क घटा; नई दरें आज से लागू

Jio Platforms IPO का प्राइस बैंड तय, ₹30,213 करोड़ जुटाने की तैयारी; रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर 3% चढ़े

: Jio Platforms IPO का प्राइस बैंड तय, ₹30,213 करोड़ जुटाने की तैयारी; रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर 3% चढ़े

X