Sunday, 18 October 2026
BREAKING
• हसनपुर के एमआर स्कूल में लगेगा कृषि मेला, फल-सब्जी की खेती, डेयरी और मछली पालन से किसानों की आय बढ़ाने पर रहेगा जोर : ओमप्रकाश धनखड़ • संत नामदेव जी की शिक्षाएं मानवता, समानता और श्रम के सम्मान का संदेश देती हैं : नायब सिंह सैनी • ऊर्जा मंत्री अनिल विज की कार्यशैली से प्रभावित होकर वार्ड छह के पार्षद संदीप शर्मा व आशुतोष सहित सैकड़ों लोगों ने भाजपा का दामन थामा • हरियाणा में जम्मू-कश्मीर जा रही बस पर हमले के बाद उमर अब्दुल्ला ने सख्त कार्रवाई की मांग की • कुरुक्षेत्र में कश्मीरी स्लीपर बस पर हमले से भड़के ट्रांसपोर्टर, बोले-यहां होता तो हम जेल में होते • भिवानी में भजन संध्या…ऐसी लागी लगन मीरा हो गई मगन,वो तो गली गली हरि गुण गाने लगी • अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने के लिए उत्तराखंड में 22 अक्टूबर से न्याय यात्रा निकालेगी कांग्रेस : कुमारी सैलजा • परविंदर सिंह झोटा के पिता का संघर्ष सराहनीय, ये पूरे पंजाब की लड़ाई : परगट सिंह • अमित शाह 20 अक्टूबर को करेंगे पंजाब का दौरा, बिट्टू बोले- 'राज्य को नशा-मुक्त बनाने के लिए साथ दे जनता' • कनाडा में HPGA ने मनाया कुल्लू दशहरा, वर्चुअली जुड़े CM सुक्खू; विदेशी धरती पर परोसी गई हिमाचली धाम

राष्ट्रीय

उत्तराखंड, असम और गुजरात में UCC लागू होने पर ओवैसी ने साधा निशाना, हिजाब पर फैसले को 'इस्लाम पर हमला' बताया

Updated on Wednesday, August 26, 2026 12:25 PM IST

हैदराबाद : एआईएमआईएम अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी की ओर से उत्तराखंड, असम और गुजरात में यूसीसी लागू किए जाने को लेकर सरकार पर जमकर निशाना साधा गया। उन्होंने हिजाब को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले पर भी अपनी तीखी प्रतिक्रिया दी है। मंगलवार को दारुस्सलाम में एआईएमआईएम हेडक्वार्टर में 'जलसा-ए-रहमतुल-लिल-आलमीन' की एक बड़ी सभा को संबोधित करते हुए ओवैसी यूसीसी कानून को मुसलमानों पर थोपे जाने की बात कही। उन्होंने कहा, "उत्तराखंड, असम और गुजरात में यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू किया गया है। अगर लागू किए जा रहे कानून असल में हिंदू मैरिज एक्ट, हिंदू डिवोर्स एक्ट और हिंदू सक्सेशन एक्ट के प्रावधानों पर आधारित हैं, तो उन्हें वास्तव में यूनिफॉर्म सिविल कोड कैसे कहा जा सकता है? जब ये कानून हिंदू पर्सनल लॉ पर आधारित हैं, तो मुसलमानों पर इन्हें क्यों थोपा जाना चाहिए?" ओवैसी ने कहा कि मुसलमानों को उनकी धार्मिक मान्यताओं से अलग करने की कोशिशें सफल नहीं होंगी और जो लोग इस्लाम को मानते हैं, वे कुरान और सुन्नत का पालन करते रहेंगे। उन्होंने कहा, "याद रखें, हमें हमारे विश्वास से दूर करने की कोशिशें, नाकाम होंगी। जो लोग इस्लाम में विश्वास रखते हैं, वे कुरान और सुन्नत की शिक्षाओं का पालन करते रहेंगे। हम अपने दीन (धर्म) को नहीं छोड़ेंगे।"


ओवैसी ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के उस फैसले की कड़ी आलोचना की है, जिसमें प्रयागराज के एक स्कूल के नाबालिग छात्रा की याचिका खारिज कर दी गई थी। छात्रा ने तय स्कूल यूनिफॉर्म के साथ हिजाब पहनने की इजाजत मांगी थी। उन्होंने कोर्ट के फैसले को "इस्लाम पर हमला" बताया और सवाल उठाया कि क्या हाईकोर्ट को ऐसा आदेश देना चाहिए था। उन्होंने कहा कि सबरीमाला मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित है, जहां जरूरी धार्मिक प्रथाओं के मुद्दे पर विचार किया जा रहा है।


उन्होंने कहा, "मैं इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले से सहमत नहीं हूं, आज का फैसला भारतीय संविधान के अनुच्छेद 25 और 19 का उल्लंघन करता है। आप कौन होते हैं यह तय करने वाले कि इस्लाम के लिए क्या जरूरी है? लड़कियां हिजाब अपने सिर पर पहनती हैं, दिमाग पर नहीं। यह इस्लाम पर हमला है।"
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मंगलवार को कहा था कि याचिकाकर्ता कोई भी धार्मिक ग्रंथ या ऐसी सामग्री पेश करने में नाकाम रही जिससे यह साबित हो सके कि स्कार्फ पहनना उसके धर्म का "जरूरी" हिस्सा है, जिसके बिना उसकी आस्था पर बुरा असर पड़ेगा। कोर्ट ने यह भी बताया कि मामले में पेश की गई तस्वीरों में उसी धार्मिक समुदाय की दूसरी छात्राएं बिना स्कार्फ पहने स्कूल जाती हुई दिख रही थीं।
एआईएमआईएम प्रमुख ने भारत के प्रति अपनी प्रतिबद्धता पर भी जोर दिया और कहा कि मुसलमान अपने विश्वास के प्रति प्रतिबद्ध रहते हुए देश की रक्षा करना और भारत के विकास में योगदान देना जारी रखेंगे। उन्होंने कहा, "हम इस देश से प्यार करते हैं, हम इस देश की रक्षा करेंगे और अपने विश्वास के प्रति प्रतिबद्ध रहते हुए हम भारत को महाशक्ति बनाने के लिए काम करेंगे। भारत की आजादी की लड़ाई उन लोगों की भी है जिन्होंने देश के लिए अपनी जान दी, जिनमें तुर्रेबाज खान जैसे स्वतंत्रता सेनानी शामिल हैं। उनके बलिदानों को भुलाया नहीं जाना चाहिए।"


ओवैसी ने आरएसएस और भाजपा पर भी तीखा हमला किया और आरोप लगाया कि इन संगठनों ने ऐतिहासिक रूप से भारत के संविधान के बजाय मनुस्मृति को प्राथमिकता दी है। ओवैसी ने कहा, "मैं आरएसएस से जुड़े लोगों से मनुस्मृति के बारे में पूछ रहा हूं। क्या यह सच नहीं है कि 26 नवंबर 1949 को हमने संविधान अपनाया था? हालांकि, चार दिन बाद, 30 नवंबर को आरएसएस के एक मुखपत्र ने इसके खिलाफ शिकायत छापी, जिसमें कहा गया कि 'यह संविधान नहीं था और इसकी जगह मनुस्मृति होनी चाहिए थी'। उन्हें बाबासाहेब अंबेडकर द्वारा तैयार किए गए संविधान से दिक्कत थी।"

Have something to say? Post your comment
कैंसर मरीजों को राहत, 137 दवाओं के ट्रेड मार्जिन पर लगी लगाम

: कैंसर मरीजों को राहत, 137 दवाओं के ट्रेड मार्जिन पर लगी लगाम

युवाओं को रामायण की सकारात्मकता और मूल्यों से प्रेरणा लेकर आगे बढ़ना चाहिए : तरनजीत सिंह संधू

: युवाओं को रामायण की सकारात्मकता और मूल्यों से प्रेरणा लेकर आगे बढ़ना चाहिए : तरनजीत सिंह संधू

इस सप्ताह भारत की कूटनीति के केंद्र में अमेरिका और यूएई, जयशंकर करेंगे अहम वार्ता

: इस सप्ताह भारत की कूटनीति के केंद्र में अमेरिका और यूएई, जयशंकर करेंगे अहम वार्ता

ताजिकिस्तान में एससीओ की बैठक, राजनाथ सिंह करेंगे भारत का प्रतिनिधित्व

: ताजिकिस्तान में एससीओ की बैठक, राजनाथ सिंह करेंगे भारत का प्रतिनिधित्व

कोलकाता हादसे के पीड़ितों को मिलेगा 25 लाख का मुआवजा, हेल्पलाइन नंबर जारी; 12 लोग हिरासत में

: कोलकाता हादसे के पीड़ितों को मिलेगा 25 लाख का मुआवजा, हेल्पलाइन नंबर जारी; 12 लोग हिरासत में

दिल्ली में ‘चलो यमुना’ के तहत सफाई अभियान, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने लोगों से की अपील

: दिल्ली में ‘चलो यमुना’ के तहत सफाई अभियान, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने लोगों से की अपील

मध्य प्रदेश: ग्वालियर हादसे में दो और लोगों की मौत, मरने वालों की संख्या 14 पहुंची

: मध्य प्रदेश: ग्वालियर हादसे में दो और लोगों की मौत, मरने वालों की संख्या 14 पहुंची

कोलकाता हादसा : गृह मंत्री अमित शाह ने किया अस्पताल का दौरा, जाना घायलों का हालचाल

: कोलकाता हादसा : गृह मंत्री अमित शाह ने किया अस्पताल का दौरा, जाना घायलों का हालचाल

राष्ट्रपति मुर्मु और पीएम मोदी ने ग्वालियर हादसे पर जताया शोक, पीड़ित परिवारों के लिए आर्थिक सहायता की घोषणा

: राष्ट्रपति मुर्मु और पीएम मोदी ने ग्वालियर हादसे पर जताया शोक, पीड़ित परिवारों के लिए आर्थिक सहायता की घोषणा

विपक्ष की ओछी हरकतें बताती हैं कि भारत को एक मजबूत नेतृत्व की क्यों जरूरत है: कंगना रनौत

: विपक्ष की ओछी हरकतें बताती हैं कि भारत को एक मजबूत नेतृत्व की क्यों जरूरत है: कंगना रनौत

X