नई दिल्ली(एजेंसी) : कतर और फ्रांस ने वैश्विक चुनौतियों से निपटने की अपनी चर्चा में ‘ईरान संघर्ष’ शब्द का इस्तेमाल किया, जिस पर ईरान ने कड़ी आपत्ति दर्ज कराई। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने कहा कि ‘ईरान संघर्ष’ जैसी कोई चीज नहीं है। सच्चाई छिपाने के लिए भ्रामक शब्दों का इस्तेमाल न करें।
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर ‘कतर और फ्रांस के बीच राजनीतिक और कूटनीतिक सहयोग पर चर्चा’ वाली पोस्ट को शेयर करते हुए लिखा, ”सच्चाई को भ्रामक और घुमा-फिराकर कहे गए शब्दों के पीछे न छिपाएं। ‘ईरान संघर्ष’ जैसी कोई चीज नहीं है। यह अमेरिका और इजरायल की ओर से ईरान के खिलाफ छेड़ा गया एक गैरकानूनी आक्रामक युद्ध है।”
बाघेई ने कहा कि आक्रमण को उसके असली नाम से न पुकारना तटस्थता नहीं है, बल्कि नैतिक जिम्मेदारी से बचने की कोशिश है। उन्होंने कहा, ”अगर हमारे पास इतना साहस भी नहीं है कि हम हमलावर की पहचान करें और आक्रमण को स्पष्ट रूप से आक्रमण कहें, तो फिर हम यह कैसे दावा कर सकते हैं कि हमारे पास अन्याय का सामना करने, व्यावहारिक समाधान सुझाने या शांति स्थापित करने में सार्थक योगदान देने का नैतिक साहस है ?”
बाघेई ने कहा कि शांति कभी भी हमलावरों को खुश करके, आक्रमण को वैध ठहराकर, पीड़ित पक्ष को दोषी ठहराकर या बुनियादी सिद्धांतों की बलि देकर कायम नहीं की जा सकती। सच्ची और टिकाऊ शांति तभी संभव है जब सच्चाई को स्वीकार किया जाए, न्याय का सम्मान किया जाए और सही-गलत के बीच स्पष्ट अंतर किया जाए।
दरअसल, कतर और फ्रांस ने हाल के क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर विचार-विमर्श किया। दोनों देशों ने अपनी रणनीतिक साझेदारी को दोहराया और क्षेत्रीय तथा वैश्विक चुनौतियों से मिलकर निपटने की अपनी प्रतिबद्धता जताई। चर्चा में खाड़ी क्षेत्र की सुरक्षा, ‘ईरान संघर्ष’, होर्मुज स्ट्रेट में नौवहन की स्वतंत्रता बहाल करने के उपाय, मध्य पूर्व और अफ्रीका में शांति प्रयास तथा सीरिया और लेबनान की स्थिति जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे शामिल रहे। इस चर्चा में ‘ईरान संघर्ष’ शब्द को लेकर ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने विरोध दर्ज कराया।