दिल्ली के जंतर-मंतर पर 12 फरवरी को होगा मीडिया कर्मियों का महाप्रदर्शन

सोनीपत: देश के पत्रकारों का शीर्ष संगठन  वर्किंग जर्नलिस्ट्स ऑफ इंडिया संबद्ध भारतीय मजदूर संघ के बैनर तले अगले वर्ष 12 फरवरी को दिल्ली  के जंतर मंतर मीडिया कर्मियों का महाप्रदर्शन होगा। देशभर के पत्रकार बड़ी संख्या में एकत्रित होकर अपने हितों के लिए अपनी आवाज बुलंद करेंगे। साथ ही सरकार से मांग करेंगे कि उनकी मांगों को जल्द से जल्द पूरा कर लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को मजबूती प्रदान की जाए। वर्किंग जर्नलिस्ट्स ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनूप चौधरी ने रविवार को सोनीपत में आयोजित दिल्ली व हरियाणा यूनिट की एक संयुक्त बैठक में यह घोषणा की।अनूप चौधरी ने कहा कि आज के समय में पत्रकार कठिन परिस्थितियों में रहकर काम कर रहे हैं। ऐसे में उनकी व उनके परिवारों की सुरक्षा को लेकर जोर-शोर से  आवाज बुलंद की जाएगी। उन्होंने कहा कि महाप्रदंर्शन के दौरान सरकार से मांग की जाएगी कि पत्रकार सुरक्षा कानून बनाया जाए। उन्होंने कहा कि मीडिया आयोग का गठन किया जाए , प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया को भंग करके जिला स्तर पर मीडिया कॉउंसिल बनाये जाने, पत्रकारों का नेशनल रजिस्टर बनाए जाने, गैर मान्यता प्राप्त पत्रकारों को स्वास्थ्य सुविधाएं देने के लिये उन्हें आयुष्मान भारत योजना से जोड़े जाने, 60 साल से ऊपर के पत्रकारों को 20 हज़ार रुपये की मासिक पेंशन, पत्रकारों को केंद्रीय राशनिंग प्रणाली से जोड़े जाने व देश में ई-पेपर को मान्यता दिए जाने संबंधित कई मांगों को लेकर पत्रकार अपनी आवाज बुलंद करेंगे।
राष्ट्रीय महासचिव नरेंद्र भंडारी ने कहा कि वर्किंग जर्नलिस्ट्स ऑफ इंडिया के प्रयास से ही डिजिटल मीडिया को केंद्र सरकार ने मान्यता दी है। अब संगठन की ओर से देश की पहली डिजिटल मीडिया डायरेक्टरी तैयार की जा रही हे। दिल्ली व एनसीआर का डाटा एकत्रित किया जा चुका है। अब हरियाणा, पंजाब, चंडीगढ़ व हिमाचल प्रदेश का डाटा एकत्रित कर उनपर काम चल रहा है। उन्होंने कहा कि दिसंबर महीने में इसकी लांचिग की जाएगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि डिजिटल पत्रकारिता ही भारत का भविष्य है। हरियाणा यूनिट के प्रदेशाध्यक्ष योगेश सूद ने कहा कि पत्रकारों को अपनी दिशा का चयन करने के लिए आत्म चिंतन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि पत्रकार अपने संस्थानों से सीधे तौर पर संवाद नहीं करते हैं, जिस कारण ही वह शोषण का शिकार होते हैं। वर्तमान में पत्रकारों के उत्पीडऩ की मुख्य वजह उनका एकजुट न होना है। इसलिए हम संगठित रहें ताकि कोई हमें हानि न पहुंचा सके। उन्होंने कहा कि अपने उपर लगने वाले आक्षेपों से भयभीत न होकर अपना कार्य निष्ठा पूर्वक करना चाहिए। संगठन प्रत्येक सदस्य के साथ मजबूती से सदैव खड़ा था, खड़ा है और खड़ा रहेगा।

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