पंचकूला : फील्ड स्तर पर मॉनिटरिंग को मजबूत करने और सर्विस डिलीवरी में सुधार के उद्देश्य से एक अहम प्रशासनिक सुधार करते हुए नगर निगम पंचकूला ने एक कार्यालय आदेश जारी किया है। इस आदेश के तहत जूनियर इंजीनियर (सिविल) को उनके संबंधित वार्डों के लिए अधिक जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
नगर निगम आयुक्त श्री विनय कुमार के निर्देशों पर जारी आदेश के अनुसार, जूनियर इंजीनियर अब वार्ड स्तर पर नोडल अधिकारी के रूप में कार्य करेंगे। वे नगर निगम से जुड़े आवश्यक कार्यों के समन्वय और पर्यवेक्षण के लिए पूर्ण रूप से जिम्मेदार होंगे।
उनकी जिम्मेदारियों में सिविल विकास कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करवाना और उनकी निगरानी करना, सड़कों, नालियों, फुटपाथ और सीवरेज से संबंधित कार्यों का रखरखाव सुनिश्चित करना शामिल है। इसके अलावा बागवानी प्रबंधन के तहत छंटाई और खरपतवार हटाने जैसे कार्यों की देखरेख भी वे करेंगे।
जूनियर इंजीनियर प्लानिंग एवं बिल्डिंग शाखा के साथ समन्वय कर अतिक्रमण की निगरानी करेंगे और पॉलीथीन प्रतिबंध सहित नगर निगम के नियमों को लागू कराने में भूमिका निभाएंगे। संबंधित शाखाओं के साथ मिलकर एनिमल बर्थ कंट्रोल गतिविधियों का समन्वय, सफाई व्यवस्था और घर-घर से कचरा संग्रहण की निगरानी भी उनकी जिम्मेदारी होगी।
साथ ही, वे स्ट्रीटलाइट एवं उससे जुड़े बुनियादी ढांचे के रखरखाव के लिए इलेक्ट्रिकल शाखा के साथ समन्वय सुनिश्चित करेंगे। नगर निगम का मानना है कि इस कदम से वार्ड स्तर पर जवाबदेही बढ़ेगी और नागरिकों को बेहतर सेवाएं मिल सकेंगी।
इस कदम का उद्देश्य कार्यों के निष्पादन में अधिक निरंतरता सुनिश्चित करना, शिकायतों का त्वरित निस्तारण करना और वार्ड स्तर पर स्पष्ट जवाबदेही तय करना है। जूनियर इंजीनियरों को अधिक पर्यवेक्षणीय अधिकार और समन्वय की जिम्मेदारियां सौंपकर निगम का लक्ष्य विभिन्न शाखाओं के बीच कामकाज को सुगम बनाना तथा अलग-अलग स्तर पर होने वाली निगरानी के कारण उत्पन्न देरी को समाप्त करना है।
आयुक्त श्री विनय कुमार ने जोर दिया कि स्पष्ट जवाबदेही के साथ विकेन्द्रीकृत जिम्मेदारियां नगर निगम संचालन में दक्षता और पारदर्शिता को काफी बढ़ाएंगी। उन्होंने कहा कि यह कदम ग्राउंड-लेवल गवर्नेंस को मजबूत करेगा और नागरिक सेवाओं के कार्यान्वयन की बेहतर मॉनिटरिंग सुनिश्चित करेगा।
यह पहल नगर निगम पंचकूला के शहरी प्रबंधन को सुधारने और पूरे शहर में त्वरित, जवाबदेह और नागरिक-केंद्रित सेवाएं प्रदान करने के लिए प्रोएक्टिव दृष्टिकोण को दर्शाती है।