पंचकूला : पंचकूला महानगर विकास प्राधिकरण द्वारा पंचकूला के सेक्टर-5 स्थित टाउन पार्क में 13 से 15 मार्च तक आयोजित वसंत उत्सव के अंतिम दिन आज विभिन्न श्रेणियों के विजेताओं को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर पंचकूला महानगर विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री के. मकरंद पांडुरंग ने स्कूल श्रेणी में सबसे अधिक पुरस्कार जीतने वाली सतलुज पब्लिक स्कूल की टीम को प्रथम पुरस्कार तथा डीसी मॉडल स्कूल की टीम को द्वितीय पुरस्कार के रूप में ट्रॉफी देकर सम्मानित किया।
सतलुज पब्लिक स्कूल ने विभिन्न प्रतियोगिताओं में कुल 31 पुरस्कार, जबकि डीसी मॉडल स्कूल ने 27 पुरस्कार जीते। उन्होंने दोनों टीमों को इस उपलब्धि के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर उनके साथ उपायुक्त श्री सतपाल शर्मा भी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ विषय पर सैंड आर्ट शो का शानदार प्रदर्शन भी किया गया। सैंड आर्ट शो के माध्यम से कलाकारों ने मिट्टी की कला द्वारा यह दर्शाया कि किस प्रकार प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा वर्ष 2015 में हरियाणा से शुरू किया गया ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान राज्य में एक जन आंदोलन बन गया है।
स्कूलों में जागरूकता अभियान, अस्पतालों में सघन निगरानी तथा हरियाणा के लोगों के सहयोग से पिछले 11 वर्षों में लिंगानुपात में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है। इसके साथ-साथ बेटियों और महिलाओं के प्रति लोगों का दृष्टिकोण भी सकारात्मक रूप से बदला है।
सैंड आर्ट शो के माध्यम से यह भी दर्शाया गया कि आज बेटियां हर क्षेत्र में अपना परचम लहरा रही हैं। बेटियां आज पायलट बनकर जहाज उड़ा रही हैं, सेना में भर्ती होकर देश की रक्षा कर रही हैं, डॉक्टर बनकर लोगों को नया जीवन दे रही हैं और प्रशासन व शासन में महत्वपूर्ण पदों पर रहकर अहम निर्णय ले रही हैं।
हरियाणा की बेटियां आज हर क्षेत्र में अपना नाम कमा रही हैं। हरियाणा सरकार द्वारा प्रदेश में बेटियों को न केवल सपने देखने का अधिकार दिया जा रहा है, बल्कि उन्हें पूरा करने के अवसर भी प्रदान किए जा रहे हैं। हरियाणा की बेटियां अपनी मेहनत के बल पर पूरे विश्व में देश और प्रदेश का नाम रोशन कर रही हैं।
इसके उपरांत श्री के. मकरंद पांडुरंग ने कैक्टस गार्डन का भी दौरा किया। श्री के मकरंद पांडुरंग का विजन है कि पंचकूला के 8 एकड़ में फैले कैक्टस गार्डन को विश्व के सर्वश्रेष्ठ कैक्टस गार्डनों में शामिल किया जाए। इसी उद्देश्य से पिछले एक वर्ष के दौरान गार्डन का व्यापक जीर्णोद्धार किया गया, जिसके तहत कैक्टस की लगभग 300 नई प्रजातियां शामिल की गई हैं।
कैक्टस गार्डन के क्यूरेटर मेजर जनरल सी.एस. बेवली (सेवानिवृत्त) ने बताया कि श्री मकरंद पांडुरंग ने पहले दिन से ही कैक्टस गार्डन को नया स्वरूप देने के लिए विशेष प्रयास किए हैं। पुणे (महाराष्ट्र) से 50 से अधिक बड़े कैक्टस पौधे भी यहां मंगवाए गए हैं। गार्डन के पुनः खुलने के बाद बड़ी संख्या में दर्शक इसके नए स्वरूप को देखने के लिए पहुंच रहे हैं।