लगभग डेढ अरब रूपए के कोटक महेंद्रा बैंक घोटाले में शामिल असली गुनहगारों के नाम उजागर करने की मांग करते हुए इंडियन नेशनल लोकदल के प्रदेश कोषाध्यक्ष एवं जिलाध्यक्ष पंचकूला शहरी मनोज अग्रवाल ने कहा कि पंचकूला के सोशल मीडिया तथा आम जनता में इस बात की आम चर्चा चल रही है कि भाजपा के चार से छ: पूर्व पार्षदों तथा पूर्व मेयर के बेटे के सगे बिल्डर साले के बैंक खातों में स्वाति तोमर के खातों से करोडों रूपए ट्रांसफर हुए हैं। उन पार्षदों के नाम भी चर्चित हैं जो किसी समय पूर्व विधायक तथा पूर्व मेयर के खासमखास हुआ करते थे।
मनोज अग्रवाल ने कहा कि पूर्व मेयर के बेटे के साले सन्नी गर्ग ने सदाशिव ग्रुप में आठ कम्पनियां, सनत ग्रुप में सात कम्पनियां, राधा रमन ग्रुप में चार कम्पनियों सहित कुल पच्चीस से अधिक कन्सट्रक्शन, बिल्डर, डेवेलपर, फाइनेंस, आदि की बना रखी हैं। हैरानी की बात यह है कि इसकी इक्कीस कम्पनियां शोरूम नं 9 सेक्टर 7 चंडीगढ़ के एक ही पते पर पंजीकृत हैं । इस पते पर एक ही दिन में तीन-तीन कम्पनियां भी पंजीकृत करवाई गई हैं । सभी कम्पनियों में सन्नी गर्ग, उसकी पत्नी प्रियंका गर्ग तथा स्वर्गीय मां वीना गर्ग ही डाइरेक्टर हैं । जो एक निरा फ्राड है। इन कम्पनियों एड्रेस प्रमाण हमारे पास हैं। शहर में चल रही चर्चाओं के अनुसार बैंक घोटाले का पर्दाफाश होने के तुरन्त बाद सन्नी गर्ग परिवार समेत दुबई भाग गया है।
मनोज अग्रवाल ने कहा कि जब आम जनता को हर बात का पता है तो सरकार को चाहिए कि सरकारी पैसा गबन करने वालों के नाम सार्वजनिक करे। उन्हें गिरफ्तार कर रकम वसूली जाए ।