शिमला (भूपिंदर चौहान) : पूर्व मुख्यमंत्री व नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने ठियोग विधानसभा क्षेत्र में आयोजित नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधि सम्मान समारोह एवं कार्यकर्ता सम्मेलन में शिरकत कर सभी जनप्रतिनिधियों को बधाई दी और उन्हें सम्मानित किया। इस दौरान जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर जमकर जुबानी हमला बोला। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुक्खू को पहले से ही कांग्रेस की संभावित हार का पूरा अंदेशा था, यही वजह थी कि आपदा का बहाना बनाकर 'डिजास्टर एक्ट' लागू किया गया और पंचायत चुनावों को टालने के लिए तमाम षड्यंत्र रचे गए, लेकिन भारतीय जनता पार्टी ने जनता के लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया और वहां पुरजोर लड़ाई लड़ी, जहाँ हमने साफ तौर पर कहा कि जब कोविड जैसी भीषण महामारी के दौरान देश में चुनाव आयोजित किए जा सकते हैं, तो फिर अब पंचायत चुनाव करवाने से परहेज क्यों किया जा रहा है, जिसके बाद अंततः सर्वोच्च अदालत ने हमारी बात सुनी और तुरंत चुनाव करवाने के आदेश जारी किए।
उन्होंने दावा किया कि इस बार पंचायत चुनाव के नतीजों ने कांग्रेस सरकार को प्रदेश की जनता का मिजाज और स्पष्ट रुख दिखा दिया है और अब आने वाले विधानसभा चुनाव में भी हिमाचल प्रदेश की जनता कांग्रेस का पूरी तरह सूपड़ा साफ करके राज्य में भाजपा की प्रचंड बहुमत वाली सरकार बनाएगी।
ठियोग के स्थानीय मुद्दों को रेखांकित करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि उनकी सरकार के कार्यकाल के दौरान ठियोग में जनहित के लिए जो भी संस्थान खोले गए थे, वर्तमान कांग्रेस सरकार ने सत्ता में आते ही उन सभी संस्थानों को राजनीतिक द्वेष के चलते ताला लगा दिया और बंद कर दिया, जबकि सच यह है कि मुख्यमंत्री लगातार सदन के अंदर और बाहर जनता से झूठ बोलते आ रहे हैं और गारंटियों के नाम पर छलावा कर रहे हैं, क्योंकि 24 लाख माताओं और बहनों को हर महीने 1500-1500 रुपये देने का वादा करके उन्हें ठगा गया, वहीं युवाओं को 5 लाख सरकारी नौकरियां देने का वादा करने के बावजूद नौकरियां देने के बजाय केवल अपने खास मित्रों को कैबिनेट रैंक बांटने का काम किया गया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के लगातार झूठ बोलने के कारण न केवल राज्य की जनता परेशान है बल्कि कांग्रेस नेता और मंत्रीगण भी हैरान हैं। सुबह से लेकर शाम तक उनकी कही बात बदल जाती है। इसलिए उनकी कही बात को कोई गंभीरता से नहीं लेता है। अब चुनाव नजदीक आ गए हैं तो अपनी असफलता छिपाने के लिये जिले बनाने का शगूफा जनता को भ्रमित करने के लिए छोड़ दिया है लेकिन जनता और भाजपा उनके इस पैंतरे को समझ चुकी है। विधानसभा क्षेत्रों को जोड़तोड़ कर जिले बनाने का प्रयास किया तो भाजपा सरकार बनते ही इसको भी रिव्यू किया जाएगा।
कांग्रेस की अंदरूनी स्थिति पर तंज कसते हुए जयराम ठाकुर ने कहा कि पंचायत चुनाव में हुई करारी हार के बाद मुख्यमंत्री को कांग्रेस हाईकमान ने दिल्ली तलब किया था, क्योंकि वह प्रदेश के इतिहास में ऐसे पहले मुख्यमंत्री बन गए हैं जिनके कार्यकाल में पार्टी को इतनी शर्मनाक हार का सामना करना पड़ा है, इसलिए अब मुख्यमंत्री जी को बैलेट पेपर और ईवीएम पर बेवजह सवाल उठाना बंद कर देना चाहिए। मंत्री उनके कामकाज के तौर तरीकों को पंचायत और स्थानीय निकाय चुनाव हारने का कारण हाईकमान को बता रहे हैं और मुख्यमंत्री अपनी हार का ठीकरा मंत्रियों पर मढ़ रहे हैं।
प्रदेश की गिरती आर्थिक स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने आंकड़े साझा किए कि वर्ष 2022 तक हिमाचल प्रदेश पर 69,000 करोड़ रुपये का ऋण था, जो वर्तमान सरकार के महज कुछ समय के कार्यकाल में ही बढ़कर 1 लाख 15 हजार करोड़ रुपये तक पहुँच चुका है, जिससे यह सवाल उठना लाजमी है कि जब प्रदेश में विकास के तमाम काम ठप पड़े हैं तो आखिर इतना भारी-भरकम लोन किसलिए लिया जा रहा है, और सच तो यह है कि मुख्यमंत्री की यह सोच बेहद विचित्र बन चुकी है कि जब दोबारा सत्ता में आना ही नहीं है तो काम करने की क्या जरूरत है, जिससे प्रदेश विकास के मामले में 40 साल पीछे चला गया है।