शिमला : हिमाचल प्रदेश राज्य एड्स नियंत्रण समिति की ओर से वीरवार को शिमला के पीटरहॉफ में राज्य स्तरीय मैराथन ‘रेड रन’ के चौथे संस्करण का आयोजन किया गया। ‘यूथ फॉर एचआईवी एंड एसटीआई’ थीम पर आयोजित इस मैराथन में सात जिलों के 70 प्रतिभागियों ने भाग लेकर एचआईवी-एड्स के प्रति जागरूकता, संक्रमित लोगों के प्रति संवेदनशीलता और नशे से दूर रहने का संदेश दिया। निदेशक स्वास्थ्य सेवाएं डॉ. गोपाल बेरी ने महिला एवं पुरुष वर्ग की मैराथन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। दौड़ पीटरहॉफ से सीटीओ तक आयोजित की गई।
पुरुष वर्ग में शिमला के जतिन ने पहला, शिमला के ध्रुव ने दूसरा और हमीरपुर के आर्यन ने तीसरा स्थान हासिल किया। महिला वर्ग में हमीरपुर की शिवाली प्रथम, ऊना की रविना द्वितीय और हमीरपुर की राशि तृतीय स्थान पर रहीं। प्रतियोगिता में चयनित दो लड़के और दो लड़कियां तीन नवंबर को बिहार के पटना में आयोजित होने वाली राष्ट्रीय मैराथन ‘रेड रन’ में हिमाचल प्रदेश का प्रतिनिधित्व करेंगे।
कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को एचआईवी और एड्स से जुड़ी भ्रांतियों के प्रति जागरूक करना, संक्रमण की रोकथाम के उपायों की जानकारी देना और एचआईवी से ग्रसित लोगों के प्रति भेदभाव समाप्त करने के लिए प्रेरित करना था। रेड रन राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन की पहल है, जिसे महाविद्यालयों में संचालित रेड रिबन क्लबों के माध्यम से आयोजित किया जाता है। रेड रिबन एचआईवी-एड्स के प्रति जागरूकता और एचआईवी पॉजिटिव लोगों के प्रति एकजुटता का प्रतीक है।
इस दौरान बताया गया कि संक्रमित सुई या सिरिंज साझा करने से एचआईवी और हेपेटाइटिस-बी एवं सी जैसे संक्रमणों का खतरा बढ़ सकता है। इसे देखते हुए प्रदेश में नशे और इंजेक्शन के माध्यम से नशीले पदार्थों के सेवन की रोकथाम के लिए जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। संक्रमण की शीघ्र पहचान और उपचार सुनिश्चित करने के लिए स्क्रीनिंग एवं जांच की जा रही है। इंजेक्शन के माध्यम से नशीले पदार्थों का सेवन करने वाले व्यक्तियों को परामर्श देने के साथ उपचार सेवाएं भी उपलब्ध करवाई जा रही हैं। प्रदेश के ऊना, शिमला, हमीरपुर, चंबा, कांगड़ा, सिरमौर, बिलासपुर, कुल्लू और मंडी जिलों में 20 ओएसटी केंद्र संचालित हैं।
राज्य एड्स नियंत्रण समिति के राज्य कार्यक्रम अधिकारी डॉ. राजेश ठाकुर ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत करते हुए कहा कि प्रतिभागियों ने अपनी भागीदारी से नशे के विरुद्ध, एचआईवी-एड्स के प्रति जागरूकता, समानता और संवेदनशीलता का संदेश दिया। इस अवसर पर जय शवरी लोक कलामंच ठियोग के कलाकारों ने नशे और एचआईवी जागरूकता पर आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। कार्यक्रम में राज्य एड्स नियंत्रण समिति के अधिकारी-कर्मचारी और विभिन्न जिलों से आए प्रतिभागी उपस्थित रहे।