शिमला(भूपिंदर चौहान) : स्वर्ण आयोग की मांग और यूजीसी के विरोध को लेकर राष्ट्रीय देवभूमि पार्टी और करणी सेना ने वीरवार को राज्य सचिवालय का घेराव किया। प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया और लाठियां भी भांजीं। बावजूद इसके, प्रदर्शनकारी सचिवालय के द्वार नंबर एक के करीब पहुंच गए। प्रदर्शनकारियों ने सचिवालय के बाहर जमकर नारेबाजी की और मुख्यमंत्री के पोस्टर फाड़े। इस बीच, मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने खुले मंच से स्वर्ण आंदोलन को समर्थन देने का ऐलान किया। मंत्री के समर्थन में प्रदर्शनकारियों ने नारे लगाए। अनिरुद्ध सिंह ने प्रदर्शनकारियों को आश्वासन दिया कि उनके खिलाफ चक्का जाम करने को लेकर एफआईआर दर्ज नहीं की जाएगी। उन्होंने बताया कि प्रदर्शनकारियों के प्रतिनिधिमंडल की मुलाकात कल मुख्यमंत्री से करवाई जाएगी।
बाद में मीडिया से बातचीत में पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने कहा कि लोकतंत्र में सभी को अपनी बात रखने और अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाने का अधिकार है। किसी को भी अपने अधिकारों की मांग करने से रोका नहीं जा सकता। उन्होंने हिमाचल प्रदेश पुलिस की सराहना करते हुए कहा कि पुलिस ने स्थिति को संभाला। मंत्री ने कहा कि अगर सभी वर्गों के लिए आयोग बनाए जा सकते हैं, तो स्वर्ण आयोग बनाने में भी कोई हर्ज नहीं है। उन्होंने आंदोलन का समर्थन करते हुए कहा कि जैसे मां बच्चे के रोने पर उसे दूध पिलाती है, उसी तरह लोगों की मांगों को भी सुना जाना चाहिए। अनिरुद्ध सिंह ने प्रदर्शनकारियों को आश्वस्त किया कि उनकी मांगों और अन्य विषयों पर मुख्यमंत्री के साथ होने वाली बैठक में चर्चा की जाएगी।
वहीं, राष्ट्रीय देवभूमि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष रूमित ठाकुर ने आंदोलन को समर्थन देने के लिए मंत्री अनिरुद्ध सिंह का आभार जताया। उन्होंने कहा कि स्वर्ण आयोग का गठन अभी नहीं हुआ है और इसके लिए विधानसभा से कानून पारित करवाया जाना है। रूमित ठाकुर ने कहा कि कल मुख्यमंत्री से होने वाली मुलाकात में आंदोलन से जुड़े सभी विषयों को उठाया जाएगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार प्रदर्शनकारियों की मांगों पर गंभीरता से विचार करेगी और स्वर्ण आयोग के गठन की दिशा में उचित कदम उठाएगी।