मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार समाज के हर वर्ग के कल्याण के लिए निरंतर प्रयासरत है। इसके साथ ही प्रदेश सरकार न्याय व्यवस्था को मजबूत करने और अधिवक्ताओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए भी प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने यह बात गुरुवार को शिमला में बार एसोसिएशन ठियोग के एक प्रतिनिधिमंडल से शिष्टाचार भेंट के दौरान कही। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व एसोसिएशन के अध्यक्ष बीएस कश्यप ने किया। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री के समक्ष अधिवक्ताओं से जुड़ी विभिन्न समस्याओं और मांगों को विस्तार से रखा। उन्होंने न्यायिक कार्यों के सुचारू संचालन, अधिवक्ताओं के लिए मूलभूत सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण तथा बार से संबंधित अन्य आवश्यक मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। इस अवसर पर अधिवक्ता मदन चौहान ने अधिवक्ताओं की समस्याओं की ओर सीएम का ध्यान आकर्षित किया।
वहीं, अधिवक्ता अमित वर्मा ने बताया कि एडीजे (अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश) कोर्ट का कैंप फिलहाल केवल एक सप्ताह के लिए लगाया जाता है, जिसे स्थायी रूप से स्थापित किया जाना चाहिए। उनका कहना था कि इससे राजधानी शिमला पर न्यायिक मामलों का भार कम होगा और कोटखाई, ठियोग व चौपाल क्षेत्र के लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। उन्होंने यह भी बताया कि ठियोग में वर्ष 1950 से न्यायालय संचालित हो रहा है और क्षेत्र की बढ़ती जरूरतों को देखते हुए न्यायिक सुविधाओं का विस्तार आवश्यक है। मुख्यमंत्री सुखविंद सिंह सुक्खू ने प्रतिनिधिमंडल की सभी मांगों को गंभीरता से सुना और आश्वासन दिया कि प्रदेश सरकार की ओर से इन पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए उचित कदम उठाए जाएंगे। इस अवसर पर राजेंद्र सिंह कश्यप, सचिव रोहित श्याम, एमएल शर्मा सहित अन्य अधिवक्ता भी उपस्थित रहे, जिन्होंने अपने सुझाव और समस्याएं मुख्यमंत्री के समक्ष रखीं।
मुख्यमंत्री सुक्खू की अधिवक्ताओं के हित में घोषणाएं
मुख्यमंत्री सुखविंदर सुक्खू ने इस दौरान अधिवक्ताओं के हित में कई महत्त्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं। उन्होंने बार रूम की लाइब्रेरी के लिए पांच लाख रुपए देने, अधिवक्ताओं के लिए चैंबर निर्माण तथा कोर्ट परिसर में अधिवक्ताओं की कार पार्किंग के लिए 20 लाख रुपए उपलब्ध करवाने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमंडल की सभी मांगों को गंभीरता से सुना और आश्वासन दिया कि इन पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए उचित कदम उठाए जाएंगे।