शिमला : हिमाचल प्रदेश में बीते दिनों हुई भारी बारिश, ओलावृष्टि और बेमौसमी बर्फबारी ने राज्य के 6 जिलो में नकदी फसलों को भारी नुकसान हुआ है। पहली से 9 अप्रैल के बीच हुई बेमौसमी बर्फबारी ने बाबानी क्षेत्र को 20.78 करोड़ रुपए का नुकसान पहुंचाया है, वहीं मौसम की बेरूखी के कारण राज्य में 9 हजार से अधिक किसान प्रभावित हुए हैं।
बागबानी विभाग ने फलों की फसलों का व्यापक क्षति का आकलन किया गया है। बागबानी विभाग को फील्ड स्टाफ ने अपनी रिपोर्ट सौंपी है। राज्य के 6 जिलो में किए गए आंकलन के अनुसार प्रदेश के 6 जिलों शिमला, मंडी, सोलन, कांगड़ा, हमीरपुर व कुल्लू में कुल 9175 किसानों पर इस आपदा का असर पड़ा है, जिनमें 6,888 सीमांत, 1842 छोटे और 455 अन्य श्रेणी के किसान शामिल हैं। इसमें कुल 4,808.95 हेक्टेयर क्षेत्र में बागवानी फसलें प्रभावित हुई हैं। मौसम की मार से राज्य में सबसे ज्यादा नुक्सान सेब की फसल को हुआ है।
ãUyzशिमला जिला में सबसे ज्यादा नुकसान देखने को मिला है। विभाग के आंकड़ों के अनुसार सबसे अधिक नुकसान जिला शिमला में हुआ है। यहां पर 18.85 करोड़ रुपए का नुक्सान हुआ है। वहीं दूसरी ओर प्रदेशभर में 8,451 फलदार पेड़ आंशिक रूप से नष्ट हुए हैं, जिसमें जिला में शिमला में 5451 व कुल्लू में 3 हजार फलदार पेड़ आंशिक रूप से नष्ट हुए हैं, इसका सीधा असर उत्पादन पर पड़ेगा। इसके साथ ही जिला मंडी, कुल्लू, कांगड़ा, हमीरपुर और सोलन में भी पलम, एप्रिकॉट, नाशपाती, आम, लीची और अन्य फलों को नुक्सान हुआ है। इसी तरह जिला मंडी में 38.16 लाख, सोलन में 0.36 लाख, कांगड़ा में 21.88 लाख, हमीरपुर में 12.98 लाख तथा जिला कुल्लू में 1.20 करोड़ रुपए के नुक्सान का अनुमान है।