प्रदेश के चार नगर निगमों में कांग्रेस ने अलग-अलग समितियों का गठन शुक्रवार को कर दिया है। हरेक समिति में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू, डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री और प्रदेश अध्यक्ष विनय कुमार को शामिल किया गया है। इसके अलावा तैनात किए प्रभारियों समेत मंत्री, विधायकों को जिला अध्यक्षों को समितियों में जगह दी गई है। दो पूर्व मंत्रियों को भी समिति में रखे है। पदाधिकारियों के साथ शुक्रवार सुबह सीएम सुक्खू के साथ हुई बैठक में चर्चा के उपरांत इन समितियों का गठन किया गया है।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के संगठन महासचिव विनोद जिंटा ने शुक्रवार को चुनाव समितियों के गठन को लेकर अधिसूचना जारी की है। यह समितियां चारों नगर निगमों में चुनाव को लेकर पूरी रणनीति तैयार करेंगी। साथ ही प्रत्याशियों के चयन की जिम्मेवारी भी इन पर रहेगी। अधिसूचना के तहत सोलन नगर निगम चुनाव के लिए गठित की गई चुनाव समिति में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू, प्रदेशाध्यक्ष विनय कुमार व उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री के अलावा मंत्रियों में डा. कर्नल धनी राम शांडिल, हर्षवर्धन चौहान, रोहित ठाकुर व अनिरुद्ध सिंह को शामिल किया गया है। इनके अलावा विधायक संजय अवस्थी, विनोद सुल्तानपुरी, राम कुमार चौधरी, हरदीप सिंह बाबा और जिला अध्यक्ष सुभाष बरमानी को भी इसमें जगह दी गई है।
नगर निगम मंडी की इलेक्षन कमेटी में सीएम, प्रदेशाध्यक्ष व डिप्टी सीएम के अलावा विक्रमादित्य सिंह, जगत सिंह नेगी, पूर्व मंत्री कौल सिंह ठाकुर, प्रकाश चौधरी तथा विधायक चंद्रशेखर, सुंदर ठाकुर और जिला अध्यक्ष चंपा ठाकुर शामिल रहेंगे। नगर निगम धर्मशाला के लिए गठित की गई चुनाव समिति में भी सीएम, प्रदेशाध्यक्ष और डिप्टी सीएम के अतिरिक्त मंत्री चंद्र कुमार, एचपीटीडीसी के चयेरमैन आरएस बाली, राज्य सभा सांसद एवं जिला अध्यक्ष अनुराग शर्मा, विधायक केवल सिंह पठानिया, मलेंद्र राजन, पूर्व मेयर देवेंद्र जग्गी और पूर्व विधायक अजय महाजन को जगह मिली है।
नगर निगम पालमपुर की तय इलेक्शन समिति में मुख्यमंत्री, प्रदेशाध्यक्ष, उप मुख्यमंत्री के साथ-साथ मंत्री राजेश धर्माणी, योदवेंदर गोमा, राज्यसभा सांसद एवं कांगड़ा जिला अध्यक्ष अनुराग शर्मा के अलावा विधायक आशीष बुटेल, किशोरी लाल, संजय रत्न, भवानी सिंह पठानिया और कमलेश ठाकुर को शामिल किया गया है।
उल्लेखनीय है कि प्रदेश के चार निगम निगमों में 17 मई को मतदान होना है और इनके नतीजे 31 मई को घोषित होंगे। अहम है कि पंचायती राज संस्थाओं और शहरी निकाय चुनावों को सत्ता का सेमीफाइनल माना जा रहा है। इनके चुनाव परिणाम आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर भाजपा-कांग्रेस दोनों दलों की दशा और दिशा तय करेंगे।