शिमला : लोक निर्माण विभाग के एनएच विंग ने साढ़े पांच हजार करोड़ से अधिक की वार्षिक योजना केंद्रीय सडक़, परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय को भेजी है। जिसमें सडक़ व पुलों के अलावा एक टनल और फोरलेन का प्रस्ताव भी शामिल है। बहरहाल हिमाचल के इन प्रस्तावों को लेकर मई माह में दिल्ली में बैठक होगी, जिसके बाद ही केंद्र की ओर से इन प्रस्तावों पर सहमति की मुहर लगेगी। उल्लेखनीय है कि हर वर्ष लोक निर्माण विभाग के एनएच विंग द्वारा अपने वार्षिक योजना को मंजूरी के लिए केंद्रीय सडक़, परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय को भेजा जाता है। इसके तहत लोक निर्माण विभाग के एनएच विंग ने वर्ष 2026-27 के लिए साढ़े पांच हजार करोड़ से अधिक के प्रस्ताव मंत्रालय को भेजे है।
पता चला है कि इनमें एनएच 305 पर पर प्रस्तावित जलोड़ी टनल का प्रस्ताव भी शामिल है। यह 1775 करोड़ रुपए का प्रस्ताव है। अहम है कि इस टनल की डीपीआर एनएच विंग की ओर से पूर्व में ही केंद्र को भेजी जा चुकी है। लिहाजा मंत्रालय की ओर से इस निर्माण को लेकर मंजूरी मिलने की प्रदेश को पूरी उम्मीद है। एनएच विंग की ओर से केंद्रीय मंत्रालय को भेजे प्रस्ताव में 23 परियोजनाएं शामिल है। इनमें कालाअंब-पांवटा साहिब फोरलेन की 2041 करोड़ रुपए की योजना भी प्रस्तावित की गई है। इसके अलावा एनएच विंग ने 30 से 50 किलोमीटर लंबाई की 1021 करोड़ रुपए की अनुमानित लागत की चार सडक़ों के प्रस्ताव भी केंद्र को भेजे हैं।
मीटिंग में चर्चा के बाद पास होंगे प्रस्ताव
सूत्रों का कहना है कि इस बैठक में इन प्रस्तावों पर चर्चा भी होगी। जिसके उपरांत प्रदेश के प्रस्तावों पर सहमति की मुहर केंद्र लगाएगा। बहरहाल प्रदेश को उम्मीद है कि विभाग की वार्षिक कार्य योजना में शामिल प्रस्तावों को मंजूरी मिलेगी।