शिमला : मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सोमवार को शिमला जिला के कसुम्पटी विधानसभा क्षेत्र के चियोग में कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि इस बार केंद्र सरकार ने आरडीजी बंद करके प्रदेश के लोगों का यह अधिकार छीन लिया है। उन्होंने कहा कि ग्लोबल वार्मिंग के कारण वर्तमान राज्य सरकार को दो बड़ी प्राकृतिक आपदाओं का सामना करना पड़ा, जिनमें जान-माल का भारी नुक़सान हुआ। उन्होंने कहा कि मैं एक आम परिवार का दर्द समझता हूं। अधिकारी कहते थे कि घर बनाने के लिए डेढ़ लाख से ज्यादा नहीं दे सकते, क्योंकि कानून ही ऐसा है। लेकिन हमने इन परिवारों को फिर से बसाने के लिए पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त घर पर सात लाख रुपए की राशि दी।
प्रदेश में आकर प्रधानमंत्री ने 1500 करोड़ रुपए देने की घोषणा की, लेकिन हमें अभी तक यह पैसा नहीं मिला है। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार के लिए भी राज्य सरकार ने प्रयास किए, जबकि पिछली भाजपा सरकार के कार्यकाल में इस क्षेत्र की सुध नहीं ली। हम 20-20 साल पुरानी मशीनों को एम्स दिल्ली की तजऱ् पर आधुनिक मशीनों से बदल रहे हैं। प्रदेश के चार मेडिकल कालेजों में रोबोटिक सर्जरी की शुरूआत की जा चुकी है, जिससे प्रदेश में ही लोगों को वल्र्ड क्लास इलाज उपलब्ध हो रहा है।