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पंजाब

पंजाब की जीवन रेखा को पुनर्जीवित किया जा रहा है; 14,000 किलोमीटर पाइपलाइनों और 21,000 क्यूसेक पानी ने टेलों पर बसे किसानों के लिए सिंचाई सुविधा सुनिश्चित की: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

Updated on Friday, May 08, 2026 20:40 PM IST

मानसा / सरदूलगढ़ : 'आप' के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार द्वारा किए गए बड़े सिंचाई, बिजली और कल्याण सुधारों को उजागर करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने वर्ष 2022 के बाद से राज्य में नहरी पानी के उपयोग में तेजी से हुई वृद्धि पर बात करते हुए कहा कि पहली बार दूर-दराज के गांवों और टेल पर बसी आबादी को दशकों में पहली बार सिंचाई सुविधाएं मिल रही हैं। किसानों के लिए दिन में निर्बाध बिजली, घरेलू उपभोक्ताओं के लिए मुफ्त बिजली, सरकारी नौकरियों, स्वास्थ्य सेवाओं और कल्याण योजनाओं का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि करदाताओं का पैसा अब "कमीशन और भ्रष्टाचार" के बजाय विकास कार्यों पर खर्च किया जा रहा है।

मानसा और सरदूलगढ़ में 'शुक्राना यात्रा' के दौरान अपार जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "पंजाब सरकार किसानों के हितों की रक्षा, पंजाब के सांप्रदायिक सद्भाव को बनाए रखने और 'बेअदबी' की घटनाओं में शामिल लोगों को अनुकरणीय सजा सुनिश्चित करने के लिए पूरी ईमानदारी, पारदर्शिता और प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है।" उन्होंने कहा कि दशकों से, पंजाब के लोगों को पिछली सरकारों की जनविरोधी नीतियों का सामना करना पड़ा, लेकिन अब राज्य में जवाबदेही, विकास और न्याय के एक नए युग की शुरुआत हुई है। उन्होंने कहा कि अकाली दल और कांग्रेस के नेताओं ने 'बेअदबी' विरोधी सख्त कानून को रद्द कराने के लिए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया क्योंकि वे खुद को और अपने राजनीतिक साथियों को कानून की परिधि से बचाना चाहते हैं।

न्यायिक प्रक्रिया का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि अदालत ने न केवल उनकी याचिकाओं को खारिज कर दिया बल्कि याचिकाकर्ताओं पर जुर्माना भी लगाया, जिससे कानून के सम्मान और संवैधानिक वैधता को और मजबूती मिली। अकाली और कांग्रेसी नेताओं ने हाईकोर्ट का दरवाजा इसलिए खटखटाया क्योंकि वे इस कानून से डरते हैं और वे अच्छी तरह जानते हैं कि 'बेअदबी' की घटनाओं में शामिल किसी भी दोषी को अब माफ नहीं किया जाएगा।

इस कानून को मिले कानूनी समर्थन को उजागर करते हुए भगवंत सिंह मान ने कहा कि इस ऐतिहासिक कानून को पंजाब विधानसभा, राज्यपाल और अदालत की मंजूरी भी प्राप्त है। 'बेअदबी' के मामलों में कोई भी दोषी अब मानसिक बीमारी या गोल-मोल बातों के बहाने बनाकर सजा से नहीं बच सकेगा। नव लागू किया गया जागत ज्योति श्री गुरु ग्रंथ साहिब सम्मान संशोधन अधिनियम 2026 स्पष्ट रूप से 'बेअदबी' के दोषी पाए जाने वालों के लिए आजीवन कारावास की सजा निर्धारित करता है और ऐसे घिनौने कार्यों के पीछे के साजिशकर्ताओं और संरक्षकों के लिए सख्त सजा का भी प्रावधान करता है।"

यह याद करते हुए कि पहले दोषी कैसे जवाबदेही से बचते रहे, पंजाब के मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि पहले 'बेअदबी' के दोषी मानसिक संतुलन ठीक न होने का बहाना बनाकर कानून की गिरफ्त से बच निकलते थे और फिर आजाद घूमते थे। उन्होंने कहा कि अब ऐसा कोई भी बहाना नहीं चलेगा और बेअदबी के दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को आजीवन कारावास की सजा होगी। ऐसे दोषियों को शरण देने या संरक्षण देने वालों को भी नहीं बख्शा जाएगा और उन्हें 50 लाख रुपये तक के जुर्माने के साथ-साथ कैद की सजा भी हो सकती है।

'बेअदबी' की घटनाओं को एक बड़ी साजिश बताते हुए उन्होंने कहा, "ये घटनाएं पंजाब में शांति, सांप्रदायिक सद्भाव और सौहार्द को भंग करने की एक गहरी साजिश का हिस्सा थीं। यह ऐतिहासिक कानून इस संबंध में एक बड़े निवारक कारक के रूप में काम करेगा और यह सुनिश्चित करेगा कि भविष्य में कोई भी ऐसे अपराध करने की हिम्मत न करे।"

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आगे कहा, "श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी को केवल सिखों द्वारा ही नहीं, बल्कि विश्व भर के लोगों द्वारा सम्मानित किया जाता है और इसकी पवित्रता की रक्षा करना पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। मैंने तख्त श्री केसगढ़ साहिब में माथा टेकने के बाद गुरु साहिब के एक निम्न सेवक के रूप में 'शुक्राना यात्रा' शुरू की ताकि इस ऐतिहासिक कानून को लागू करने का अवसर देने के लिए वाहेगुरु का धन्यवाद किया जा सके। गुरु साहिब की रहमत से ही पंजाब सरकार विश्व भर के लाखों श्रद्धालुओं की लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा कर सकी है।"

कानून को एक जिम्मेदारी बताते हुए उन्होंने कहा, "मैं निम्न सेवक यह कानून पारित नहीं कर सकता था, बल्कि गुरु साहिब ने स्वयं यह सेवा मुझसे ली है। ऐसी सेवा केवल उन्हें सौंपी जाती है, जिन्हें वाहेगुरु स्वयं चुनता है। सम्पूर्ण विश्व के लोग इस सख्त कानून के लागू होने पर बहुत खुशी और धन्यवाद प्रकट कर रहे हैं। मुझे विदेशों में बसे पंजाबियों से रोजाना कई फोन आते हैं जो इस ऐतिहासिक पहल के लिए पंजाब सरकार का धन्यवाद करते हैं।"

पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, "एक के बाद एक कांग्रेस और अकाली सरकारें जानबूझकर ऐसा कानून बनाने में असफल रहीं क्योंकि वे कभी नहीं चाहती थीं कि 'बेअदबी' की घटनाओं के वास्तविक दोषियों को सजा मिले। उन्होंने बाबा नानक के नाम पर वोट मांगे लेकिन बाबा नानक की 'बाणी' का अपमान किया। जिन्होंने अकाल तख्त साहिब के सामने सार्वजनिक रूप से अपनी गलतियां स्वीकार कीं, उन्होंने ही बाद में खुलेआम इन गलतियों को नकार भी दिया।"

विरोधी नेताओं पर और निशाना साधते हुए भगवंत सिंह मान ने कहा, "जो श्री तख्त साहिब के सामने झूठ बोल सकते हैं, वे कभी भी किसी के वफादार नहीं हो सकते। कुछ राजनीतिक ताकतें इस कानून का विरोध केवल इसलिए कर रही हैं क्योंकि उनके राजनीतिक नेताओं को यह सख्त कानून पसंद नहीं है। यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि कुछ नेता केवल अपने निजी हितों की रक्षा के लिए ऐसे संवेदनशील मुद्दे पर भी राजनीति कर रहे हैं।"

उन्होंने कहा, "ये नेता जानते हैं कि पिछले समय में किए गए गंभीर पापों के लिए वे जल्द ही सलाखों के पीछे जा सकते हैं। इसलिए वे इस कानून का कड़ा विरोध करने की कोशिश कर रहे हैं।"

किसान-हितैषी पहलों को उजागर करते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री ने कहा, "पंजाब ने सिंचाई सुधारों में महत्वपूर्ण ऐतिहासिक सफलता हासिल की है। जब वर्ष 2022 में 'आप' सरकार ने सत्ता संभाली थी, तब सिंचाई के लिए केवल 21 प्रतिशत नहरी पानी का उपयोग किया जा रहा था, लेकिन आज यह आंकड़ा लगभग 68 प्रतिशत हो गया है और आगामी धान के सीजन तक 85 प्रतिशत तक पहुंचने की उम्मीद है।"

भगवंत सिंह मान ने कहा, "पंजाब के इतिहास में पहली बार दशकों से सिंचाई सुविधाओं से वंचित रहे दूर-दराज के गांवों और टेल-एंड क्षेत्रों तक नहरी पानी पहुंचाया गया है। पंजाब सरकार ने लगभग 14,000 किलोमीटर पाइपलाइनें बिछाई हैं और राज्य भर में जलमार्गों को पुनर्जीवित किया है ताकि हर खेत तक पानी पहुंचना सुनिश्चित किया जा सके। किसानों की सिंचाई आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए इन पाइपलाइनों और जलमार्गों के माध्यम से लगभग 21,000 क्यूसेक पानी पहले ही छोड़ा जा चुका है।"
इस उपलब्धि को क्रांतिकारी बताते हुए उन्होंने कहा, "छोड़ा गया पानी दो भाखड़ा नहरों की आपूर्ति के बराबर है। यह केवल नहरों में बहता पानी नहीं है, यह पंजाब की जीवन रेखा है जो पुनर्जीवित हो रही है। पंजाब की पहचान और भविष्य पानी से जुड़ा हुआ है और हम आने वाली पीढ़ियों के लिए इसे सुरक्षित रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। नहरों और नदियों में बनाए गए रिचार्ज प्वाइंटों के कारण पहले से ही कई क्षेत्रों में भूजल स्तर दो से चार मीटर तक बढ़ गया है, जिससे ट्यूबवेलों पर निर्भरता में काफी कमी आई है और कीमती भूजल भंडारों को बचाने में मदद मिली है।"

किसानों को एक और बड़ी राहत देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, "पंजाब सरकार ने किसानों को दिन में निर्बाध बिजली दी जा रही है, जिससे दशकों पुरानी परंपरा समाप्त हो गई है, जिसके तहत किसानों को रात में खेतों में सिंचाई करने के लिए मजबूर होना पड़ता था। पहले किसानों को बिजली आपूर्ति की प्रतीक्षा में खेतों में रातें काटनी पड़ती थीं, लेकिन आज हमारी सरकार दिन में बिजली आपूर्ति सुनिश्चित कर रही है ताकि किसान सम्मान और सुरक्षा के साथ खेती कर सकें।"

पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए भगवंत सिंह मान ने उन्हें आम लोगों की भलाई को अनदेखा करने और भ्रष्टाचार, भाई-भतीजावाद और लूट को बढ़ावा देने के लिए जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने आगे कहा, "करदाताओं का पैसा अब कमीशन और भ्रष्टाचार में बेकार नहीं जाता, बल्कि विकास कार्यों, स्कूलों, अस्पतालों, सड़कों और कल्याण योजनाओं पर पूरी ईमानदारी से खर्च किया जा रहा है।"
'आप' सरकार की उपलब्धियों को उजागर करते हुए उन्होंने कहा, "पंजाब में 90 प्रतिशत से अधिक घरों को मुफ्त बिजली मिल रही है और 65,000 से अधिक युवाओं को योग्यता के आधार पर और बिना रिश्वत सरकारी नौकरियां दी गई हैं। राज्य भर में कई टोल प्लाजा बंद कर दिए गए हैं, जिससे लोगों को रोजाना लगभग 70 लाख रुपये की बचत हो रही है।"

बुनियादी ढांचे और कल्याण योजनाओं पर बोलते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री ने कहा, "राज्य भर में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने, सड़कों को अपग्रेड करने और सरकारी संस्थानों को आधुनिक बनाने में बड़े पैमाने पर निवेश किया जा रहा है।"

'मांवां धियां सतिकार योजना' की घोषणा करते हुए भगवंत सिंह मान ने कहा, "पंजाब में अनुसूचित जाति से संबंधित प्रत्येक महिला को प्रति माह 1,500 रुपये और बाकी वर्गों की प्रत्येक महिला को प्रति माह 1,000 रुपये सीधे उनके बैंक खातों में भेजे जाएंगे। इस योजना से राज्य की लगभग 97 प्रतिशत महिलाओं को लाभ मिलेगा और पंजाब सरकार द्वारा इस संबंध में बजट में पहले ही 9,300 करोड़ रुपये रखे गए हैं।"

स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में किए गए सुधारों पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा, "'मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना' के तहत, पंजाब के सभी 65 लाख परिवारों को स्वास्थ्य कार्ड जारी किए जा रहे हैं। इस योजना के तहत प्रत्येक परिवार 10 लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज का हकदार है और 30 लाख से अधिक लाभार्थियों को पहले ही स्वास्थ्य कार्ड मिल चुके हैं। इस योजना के तहत लगभग 1.65 लाख लोग पहले ही मुफ्त इलाज का लाभ ले चुके हैं।"

लोगों की भलाई के प्रति अपनी सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "पंजाब सरकार 2022 में लोगों से किए गए हर वादे को पूरी ईमानदारी से पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। आम आदमी क्लीनिकों में मुफ्त मानक स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जा रही हैं, सरकारी स्कूलों का कायापलट किया जा रहा है, अस्पतालों को अपग्रेड किया जा रहा है और कल्याण योजनाओं का लाभ राज्य के हर घर तक पहुंचाया जा रहा है।"

'शुक्राना यात्रा' को मिले भरपूर जनसमर्थन पर बात करते हुए उन्होंने अंत में कहा, "लोगों से मिला भरपूर जनसमर्थन भावनात्मक और ऐतिहासिक रहा है। यह विशाल जनसमूह पंजाब सरकार द्वारा 'बेअदबी' विरोधी कानून लागू करने और प्रदान किए जा रहे पारदर्शी प्रशासन के प्रति लोगों की खुशी और संतुष्टि को दर्शाता है।"

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