Saturday, 24 October 2026
BREAKING
• चार वर्षों से विकास में पिछड़े हिमाचल को डबल इंजन सरकार की ज़रूरत : जयराम ठाकुर • कुलदीप सिंह पठानिया को 12वें ब्रिक्स संसदीय मंच का न्योता • रामपुर बुशहर में स्मार्ट एमएसएमई पर कार्यशाला आयोजित • 79वें वार्षिक निरंकारी संत समागम का भव्य शुभारंभ • किसानों को 24 घंटे में फसल का भुगतान किया जा रहा है: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान • पावर कट के बीच 'संकटमोचक' बनी हरियाणा पुलिस, हड़ताल के बीच बहाल कराई बिजली आपूर्ति • सूरजकुंड दिवाली मेले से स्वदेशी उत्पादों और कारीगरों को मिल रहा नया बाजार : नायब सिंह सैनी • रेलवे के बाद पावर सेक्टर को भी निजी हाथों में सौंप रही भाजपा सरकार - दुष्यंत चौटाला • विस अध्यक्ष ने की जनप्रतिनिधि सम्मेलन की तैयारियों की समीक्षा • बेगमपुरा’ की परिकल्पना भय, भेदभाव और अन्याय से मुक्त समाज का संदेश देती है : राज्यपाल घोष

राष्ट्रीय

बंगाल : मुख्यमंत्री शुभेंदु का गृहनगर में जोरदार स्वागत, कहा 'भरोसा कायम हुआ'

Updated on Sunday, May 10, 2026 20:40 PM IST

पश्चिम बंगाल के नव निर्वाचित मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने रविवार को कहा कि राज्य में व्याप्त भय का माहौल समाप्त हो गया और लोगों में भरोसा कायम हुआ। मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण करने के एक दिन बाद शुभेंदु अपने गृह नगर पूर्वी मेदिनीपुर जिले के कांथी पहुंचे थे, जहां समर्थकों ने उनका जोरदार स्वागत किया था। शुभेंदु ने कोलकाता के लिए रवाना होते समय ये बातें कहीं। उन्होंने कोलकाता रवाना होने से पहले पत्रकारों से कहा, "भय का माहौल समाप्त हुआ, भरोसा कायम हुआ। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने आश्वासन दिया है। पश्चिम बंगाल आशा और विश्वास के माहौल में सभी हितधारकों की भागीदारी से प्रगति करेगा।"

शनिवार को कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में शपथ लेने और पूरे दिन सरकारी कार्यक्रमों में हिस्सा लेने के बाद अधिकारी देर रात कालीघाट काली मंदिर में पूजा-अर्चना कर कांथी के लिए रवाना हुए। उनका काफिला देर रात करीब दो बजे कांथी स्थित उनके आवास 'शांतिकुंज' पहुंचा लेकिन देर रात होने के बावजूद शाम से ही इलाके में समर्थकों का जनसैलाब उमड़ा हुआ था। जैसे ही उनका वाहन इलाके में पहुंचा समर्थकों ने उनके स्वागत में नारे बुलंद किए और उन पर फूलों की बारिश की। भारी भीड़ के कारण काफिले की रफ्तार धीमी हो गई, जिसके बाद अधिकारी वाहन से बाहर आए और समर्थकों का अभिवादन स्वीकार किया।

इस स्वागत से भावुक दिखे मुख्यमंत्री ने हाथ जोड़कर लोगों से घर लौटने की अपील करते हुए कहा, ''अब बहुत देर हो चुकी है, कृपया अपने घर लौट जाएं।'' पूरा माहौल किसी उत्सव जैसा नजर आ रहा था। स्थानीय लोग अपने ''माटी के बेटे'' के राज्य के सर्वोच्च पद तक पहुंचने का जश्न मना रहे थे। घर पहुंचने के बाद अधिकारी ने अपने माता-पिता का आशीर्वाद भी लिया। उनके पिता शिशिर अधिकारी और मां गायत्री अधिकारी देर रात तक उनके स्वागत के लिए जागते रहे।

स्थानीय निवासियों और बचपन के परिचितों ने अधिकारी को दृढ़ निश्चयी और संकल्पवान बताते हुए कहा कि उनकी राजनीतिक सफलता के पीछे उनकी मजबूत इच्छाशक्ति तथा निरंतर प्रयास रहे हैं। सुबह से ही पूर्व और पश्चिम मेदिनीपुर समेत राज्य के अन्य जिलों से लोगों की लंबी कतार उनके कांथी स्थित आवास के बाहर देखी गई। पुलिस और सुरक्षा बल भीड़ को नियंत्रित करने में लगे थे। अधिकतर लोग हाथों में फूल और गुलदस्ते लेकर पहुंचे थे। राधारानी दास नामक महिला ने कहा, ''मैं नंदकुमार इलाके से आई हूं।

'दादा' (शुभेंदु) के मुख्यमंत्री बनने से मैं बेहद खुश हूं। वह बहुत सरल स्वभाव के हैं। जब भी हमारे इलाके में आते थे, मुझसे बात जरूर करते थे। वह बहुत विनम्र इंसान हैं।'' वहीं, दक्षिण 24 परगना के डायमंड हार्बर निवासी बिजय नस्कर ने कहा कि वह सुबह से अधिकारी का इंतजार कर रहे थे। उन्होंने कहा, ''मैं सीधे तौर पर किसी राजनीतिक दल से जुड़ा नहीं हूं, लेकिन भाजपा का समर्थक हूं। मैं दादा को बधाई देना चाहता हूं और यह भी बताना चाहता हूं कि भाजपा की जीत ने हम जैसे लाखों लोगों को अन्याय के खिलाफ बिना डर के अपनी आवाज उठाने और किसी भी अत्याचार तथा दबंगई के खिलाफ अपने अधिकारों का इस्तेमाल करने की प्रेरणा दी है।''

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि कांथी स्थित मुख्यमंत्री के आवास के सामने कोई अवरोधक नहीं लगाया जाएगा, ताकि लोगों को असुविधा न हो। वहां तैनात केंद्रीय और राज्य सुरक्षा बल अपने कर्तव्यों का निर्वहन करेंगे। अधिकारी के परिवार के एक सदस्य ने कहा, ''हम नहीं चाहते कि यहां अवरोधक लगाए जाएं, जिससे लोगों, हमारे पड़ोसियों, आगंतुकों या भवन के सामने से गुजरने वालों को परेशानी हो।'' उल्लेखनीय है कि पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनके भतीजे एवं तृणमूल कांग्रेस सांसद अभिषेक बनर्जी के आवासों के बाहर लगाए गए अवरोधक चुनाव परिणाम घोषित होने के कुछ दिन बाद हटा दिए गए थे। यह फैसला मौजूदा सुरक्षा आकलन के आधार पर लिया गया था। 

 
Have something to say? Post your comment
भारतीय ज्ञान परंपरा और सांस्कृतिक विरासत देश की ताकत, चिन्मय अमृत महोत्सव में बोले प्रधानमंत्री मोदी

: भारतीय ज्ञान परंपरा और सांस्कृतिक विरासत देश की ताकत, चिन्मय अमृत महोत्सव में बोले प्रधानमंत्री मोदी

मलेरिया वैक्सीन की कीमत में 40 फीसदी की कटौती, 10 लाख और बच्चों को मिलेगा सुरक्षा कवच

: मलेरिया वैक्सीन की कीमत में 40 फीसदी की कटौती, 10 लाख और बच्चों को मिलेगा सुरक्षा कवच

पीएम मोदी ने किया चिन्मय अमृत महोत्सव का उद्घाटन, कहा- “चिन्मय मिशन सिर्फ एक संस्था नहीं, चिन्मय विचार है”

: पीएम मोदी ने किया चिन्मय अमृत महोत्सव का उद्घाटन, कहा- “चिन्मय मिशन सिर्फ एक संस्था नहीं, चिन्मय विचार है”

यमन के तट के पास भारतीयों को ले जा रही नौका से जुड़ी कथित घटना के ‘तथ्यों’ का पता लगा रहे : भारत

: यमन के तट के पास भारतीयों को ले जा रही नौका से जुड़ी कथित घटना के ‘तथ्यों’ का पता लगा रहे : भारत

एशियन पैरा गेम्स में भारतीय खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन, पीएम मोदी ने दी बधाई

: एशियन पैरा गेम्स में भारतीय खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन, पीएम मोदी ने दी बधाई

पीयूष गोयल ने यूरोप को दी चेतावनी, कहा- CBAM और स्टील पर 50% ड्यूटी से बढ़ेगा खर्च

: पीयूष गोयल ने यूरोप को दी चेतावनी, कहा- CBAM और स्टील पर 50% ड्यूटी से बढ़ेगा खर्च

80 साल पुरानी जीत से नहीं चलेगा UN: भारत ने सुरक्षा परिषद की विश्वसनीयता पर उठाया सवाल

: 80 साल पुरानी जीत से नहीं चलेगा UN: भारत ने सुरक्षा परिषद की विश्वसनीयता पर उठाया सवाल

'सिर्फ प्रोडक्ट ही फेल नहीं, उससे जुड़ी कंपनियां भी फेल', सुधांशु त्रिवेदी का राहुल गांधी पर जोरदार तंज

: 'सिर्फ प्रोडक्ट ही फेल नहीं, उससे जुड़ी कंपनियां भी फेल', सुधांशु त्रिवेदी का राहुल गांधी पर जोरदार तंज

स्वतंत्रता का महत्व इसी में है कि मनुष्य भय और पराधीनता से मुक्त हो सके : पीएम मोदी

: स्वतंत्रता का महत्व इसी में है कि मनुष्य भय और पराधीनता से मुक्त हो सके : पीएम मोदी

पीयूष गोयल ने विकसित देशों को 100 अरब डॉलर की क्लाइमेट फाइनेंस प्रतिबद्धता की दिलाई याद, कहा- “इसका एक पैसा भी नहीं मिला”

: पीयूष गोयल ने विकसित देशों को 100 अरब डॉलर की क्लाइमेट फाइनेंस प्रतिबद्धता की दिलाई याद, कहा- “इसका एक पैसा भी नहीं मिला”

X