केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने पंजाब में भ्रष्टाचार के एक बड़े नेक्सस का भंडाफोड़ करते हुए दो बिचौलियों और उनके एक सहयोगी को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई पंजाब विजिलेंस ब्यूरो के अधिकारियों के नाम पर 20 लाख रुपये की रिश्वत मांगने के मामले में की गई है। रिश्वत का सौदा : पंजाब के एक स्टेट टैक्स ऑफिसर की शिकायत बंद करने के बदले 13 लाख रुपये नकद और Samsung Galaxy Z Fold7 मोबाइल फोन की मांग की गई थी। फरार मुख्य आरोपी : पंजाब विजिलेंस प्रमुख (DG) के रीडर ओ.पी. राणा की इस साजिश में सीधी संलिप्तता पाई गई है। फिलहाल वह फरार है।
फिल्मी स्टाइल में पीछा : ट्रैप के दौरान आरोपी राघव और विकास गोयल ने भागने की कोशिश की, जिन्हें CBI की टीम ने पंजाब-हरियाणा बॉर्डर (अम्बाला) के पास पीछा करके गिरफ्तार किया।
निजी लोगों के पास AK-47 धारी गनमैन
जांच में सबसे चौंकाने वाला खुलासा यह हुआ है कि आरोपी विकास गोयल और राघव गोयल (निजी व्यक्ति) को आधिकारिक रूप से पंजाब पुलिस के गनमैन दिए गए थे। CBI अब इस बात की पड़ताल कर रही है कि प्राइवेट बिचौलियों को AK-47 राइफलों से लैस सुरक्षा किस आधार पर मुहैया कराई गई थी।
सेंसिटिव डेटा का लीक
जांच में यह भी सामने आया है कि फरार आरोपी ओ.पी. राणा विजिलेंस विभाग से जुड़ी गोपनीय और संवेदनशील जानकारियां इन बिचौलियों के साथ साझा कर रहा था। आरोपियों के ठिकानों से 9 लाख रुपये नकद और कई आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद किए गए हैं।