Saturday, 24 October 2026
BREAKING
• चार वर्षों से विकास में पिछड़े हिमाचल को डबल इंजन सरकार की ज़रूरत : जयराम ठाकुर • कुलदीप सिंह पठानिया को 12वें ब्रिक्स संसदीय मंच का न्योता • रामपुर बुशहर में स्मार्ट एमएसएमई पर कार्यशाला आयोजित • 79वें वार्षिक निरंकारी संत समागम का भव्य शुभारंभ • किसानों को 24 घंटे में फसल का भुगतान किया जा रहा है: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान • पावर कट के बीच 'संकटमोचक' बनी हरियाणा पुलिस, हड़ताल के बीच बहाल कराई बिजली आपूर्ति • सूरजकुंड दिवाली मेले से स्वदेशी उत्पादों और कारीगरों को मिल रहा नया बाजार : नायब सिंह सैनी • रेलवे के बाद पावर सेक्टर को भी निजी हाथों में सौंप रही भाजपा सरकार - दुष्यंत चौटाला • विस अध्यक्ष ने की जनप्रतिनिधि सम्मेलन की तैयारियों की समीक्षा • बेगमपुरा’ की परिकल्पना भय, भेदभाव और अन्याय से मुक्त समाज का संदेश देती है : राज्यपाल घोष

राष्ट्रीय

पिछले एक दशक में पेंशन व्यवस्था में आया बड़ा बदलाव, डिजिटल सुधारों से प्रक्रिया हुई आसान और पारदर्शी: डॉ. जितेंद्र सिंह

Updated on Wednesday, May 13, 2026 21:33 PM IST

केंद्रीय कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने बुधवार को कहा कि पिछले एक दशक में भारत की पेंशन व्यवस्था में बड़ा बदलाव आया है। अब यह केवल प्रक्रिया-आधारित सिस्टम नहीं रहा, बल्कि तकनीक-आधारित, नागरिक-केंद्रित और बिना परेशानी वाला तंत्र बन गया है, जिसमें पेंशनर्स की गरिमा, पारदर्शिता और आसान जीवन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

राष्ट्रीय राजधानी के विज्ञान भवन में आयोजित 16वीं अखिल भारतीय पेंशन अदालत को संबोधित करते हुए जितेंद्र सिंह ने कहा कि पेंशनर्स को सिर्फ सरकारी सहायता पाने वाले लाभार्थी के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि वे राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले अनुभवी नागरिक हैं। उनका अनुभव, विशेषज्ञता और संस्थागत समझ देश की एक बड़ी संपत्ति है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार लगातार पेंशन प्रशासन को सरल, संवेदनशील और जवाबदेह बनाने की दिशा में काम कर रही है।

पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग द्वारा आयोजित 16वीं पेंशन अदालत में 37 मंत्रालयों और विभागों से जुड़े 985 लंबे समय से लंबित पेंशन मामलों को उठाया गया, जो 15 अप्रैल 2026 तक 45 दिनों से अधिक समय से लंबित थे।

अब तक इनमें से 728 मामलों का समाधान किया जा चुका है, जो कुल शिकायतों का लगभग 74 प्रतिशत है।

कार्यवाही के दौरान 16 मंत्रालयों और विभागों से जुड़े 26 महत्वपूर्ण मामलों को जितेंद्र सिंह के सामने प्रस्तुत किया गया। इनमें 12 मामले रक्षा मंत्रालय, 8 मामले गृह मंत्रालय और 2 मामले रेलवे मंत्रालय से संबंधित थे, जबकि बाकी अन्य मंत्रालयों और विभागों से जुड़े थे।

पेंशन अदालत में 8 पेंशनर्स और पारिवारिक पेंशन पाने वाले लोग व्यक्तिगत रूप से शामिल हुए। इनमें महाराष्ट्र के अकोला और उत्तराखंड के हल्द्वानी से आए लाभार्थी भी शामिल थे। वहीं, देश के अलग-अलग हिस्सों से 18 अन्य लोगों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हिस्सा लिया। इनमें हिमाचल प्रदेश के मंडी, राजस्थान के बीकानेर, कोलकाता और तमिलनाडु के इरोड जैसे शहर शामिल रहे, जिससे इस पहल की देश भर में बढ़ती पहुंच दिखाई देती है।

पेंशन अदालत के माध्यम से हल किए गए एक मामले में 74 लाख रुपए से अधिक की पेंशन राशि जारी की गई, जबकि दो अन्य मामलों में लाभार्थियों को लगभग 46-46 लाख रुपए का भुगतान किया गया।

मंत्री ने 2014 के बाद से हुए पेंशन सुधारों का जिक्र करते हुए कहा कि एक समय था जब पेंशन विभाग ज्यादा चर्चा में नहीं रहता था और सीमित प्रशासनिक ढांचे में काम करता था। लेकिन लगातार सुधारों, डिजिटल तकनीक और नागरिक-केंद्रित फैसलों के चलते अब यह सबसे ज्यादा जवाबदेह सरकारी विभागों में शामिल हो गया है।

उन्होंने जीवन प्रमाण पत्र प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन और डिजिटल तकनीक के इस्तेमाल का भी उल्लेख किया।

डॉ. सिंह ने हाल के वर्षों में किए गए कई सुधारों का जिक्र करते हुए कहा कि परिवार पेंशन नियमों को आसान बनाया गया है। लापता व्यक्तियों से जुड़े पुराने नियम हटाए गए हैं, तलाकशुदा और अलग रह रही बेटियों के लिए प्रक्रियाएं सरल की गई हैं और दिव्यांग आश्रितों को भी राहत दी गई है।

उन्होंने कहा कि प्रशासनिक अधिकारियों को समाधान-आधारित सोच के साथ काम करना चाहिए ताकि नागरिकों को समय पर और प्रभावी परिणाम मिल सकें और वे केवल प्रक्रियाओं में न उलझें।

मंत्री ने कहा कि पेंशन अदालतें लंबे समय से लंबित और जटिल शिकायतों के समाधान का एक प्रभावी माध्यम बनकर उभरी हैं।

2017 में इस पहल की शुरुआत के बाद अब तक कुल 15 पेंशन अदालतें आयोजित की जा चुकी हैं, जिनमें 27,812 मामलों को उठाया गया। इनमें से 19,948 शिकायतों का समाधान किया गया, जो 71.72 प्रतिशत से अधिक की सफलता दर को दर्शाता है।

बाकी मामलों का समाधान बाद में मंत्रालयों के बीच समन्वय और समीक्षा प्रक्रिया के जरिए किया गया।

 

Have something to say? Post your comment
भारतीय ज्ञान परंपरा और सांस्कृतिक विरासत देश की ताकत, चिन्मय अमृत महोत्सव में बोले प्रधानमंत्री मोदी

: भारतीय ज्ञान परंपरा और सांस्कृतिक विरासत देश की ताकत, चिन्मय अमृत महोत्सव में बोले प्रधानमंत्री मोदी

मलेरिया वैक्सीन की कीमत में 40 फीसदी की कटौती, 10 लाख और बच्चों को मिलेगा सुरक्षा कवच

: मलेरिया वैक्सीन की कीमत में 40 फीसदी की कटौती, 10 लाख और बच्चों को मिलेगा सुरक्षा कवच

पीएम मोदी ने किया चिन्मय अमृत महोत्सव का उद्घाटन, कहा- “चिन्मय मिशन सिर्फ एक संस्था नहीं, चिन्मय विचार है”

: पीएम मोदी ने किया चिन्मय अमृत महोत्सव का उद्घाटन, कहा- “चिन्मय मिशन सिर्फ एक संस्था नहीं, चिन्मय विचार है”

यमन के तट के पास भारतीयों को ले जा रही नौका से जुड़ी कथित घटना के ‘तथ्यों’ का पता लगा रहे : भारत

: यमन के तट के पास भारतीयों को ले जा रही नौका से जुड़ी कथित घटना के ‘तथ्यों’ का पता लगा रहे : भारत

एशियन पैरा गेम्स में भारतीय खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन, पीएम मोदी ने दी बधाई

: एशियन पैरा गेम्स में भारतीय खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन, पीएम मोदी ने दी बधाई

पीयूष गोयल ने यूरोप को दी चेतावनी, कहा- CBAM और स्टील पर 50% ड्यूटी से बढ़ेगा खर्च

: पीयूष गोयल ने यूरोप को दी चेतावनी, कहा- CBAM और स्टील पर 50% ड्यूटी से बढ़ेगा खर्च

80 साल पुरानी जीत से नहीं चलेगा UN: भारत ने सुरक्षा परिषद की विश्वसनीयता पर उठाया सवाल

: 80 साल पुरानी जीत से नहीं चलेगा UN: भारत ने सुरक्षा परिषद की विश्वसनीयता पर उठाया सवाल

'सिर्फ प्रोडक्ट ही फेल नहीं, उससे जुड़ी कंपनियां भी फेल', सुधांशु त्रिवेदी का राहुल गांधी पर जोरदार तंज

: 'सिर्फ प्रोडक्ट ही फेल नहीं, उससे जुड़ी कंपनियां भी फेल', सुधांशु त्रिवेदी का राहुल गांधी पर जोरदार तंज

स्वतंत्रता का महत्व इसी में है कि मनुष्य भय और पराधीनता से मुक्त हो सके : पीएम मोदी

: स्वतंत्रता का महत्व इसी में है कि मनुष्य भय और पराधीनता से मुक्त हो सके : पीएम मोदी

पीयूष गोयल ने विकसित देशों को 100 अरब डॉलर की क्लाइमेट फाइनेंस प्रतिबद्धता की दिलाई याद, कहा- “इसका एक पैसा भी नहीं मिला”

: पीयूष गोयल ने विकसित देशों को 100 अरब डॉलर की क्लाइमेट फाइनेंस प्रतिबद्धता की दिलाई याद, कहा- “इसका एक पैसा भी नहीं मिला”

X