Monday, 19 October 2026
BREAKING
• हसनपुर के एमआर स्कूल में लगेगा कृषि मेला, फल-सब्जी की खेती, डेयरी और मछली पालन से किसानों की आय बढ़ाने पर रहेगा जोर : ओमप्रकाश धनखड़ • संत नामदेव जी की शिक्षाएं मानवता, समानता और श्रम के सम्मान का संदेश देती हैं : नायब सिंह सैनी • ऊर्जा मंत्री अनिल विज की कार्यशैली से प्रभावित होकर वार्ड छह के पार्षद संदीप शर्मा व आशुतोष सहित सैकड़ों लोगों ने भाजपा का दामन थामा • हरियाणा में जम्मू-कश्मीर जा रही बस पर हमले के बाद उमर अब्दुल्ला ने सख्त कार्रवाई की मांग की • कुरुक्षेत्र में कश्मीरी स्लीपर बस पर हमले से भड़के ट्रांसपोर्टर, बोले-यहां होता तो हम जेल में होते • भिवानी में भजन संध्या…ऐसी लागी लगन मीरा हो गई मगन,वो तो गली गली हरि गुण गाने लगी • अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने के लिए उत्तराखंड में 22 अक्टूबर से न्याय यात्रा निकालेगी कांग्रेस : कुमारी सैलजा • परविंदर सिंह झोटा के पिता का संघर्ष सराहनीय, ये पूरे पंजाब की लड़ाई : परगट सिंह • अमित शाह 20 अक्टूबर को करेंगे पंजाब का दौरा, बिट्टू बोले- 'राज्य को नशा-मुक्त बनाने के लिए साथ दे जनता' • कनाडा में HPGA ने मनाया कुल्लू दशहरा, वर्चुअली जुड़े CM सुक्खू; विदेशी धरती पर परोसी गई हिमाचली धाम

दुनिया

मंगल से 1761 नमूनों की जांच कर 3943 रिपोर्ट भेज चुका है एपीएक्सएस, जानें कैसे काम करता है यह हाईटेक सेंसर

Updated on Thursday, May 28, 2026 13:29 PM IST

मंगल ग्रह की सतह पर लगातार काम कर रहा कनाडा का अत्याधुनिक अल्फा पार्टिकल एक्स-रे स्पेक्ट्रोमीटर (एपीएक्सएस) अब तक 1761 नमूनों का विश्लेषण कर 3943 परिणाम पृथ्वी तक भेज चुका है। यह उपकरण अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा के क्यूरियोसिटी रोवर पर लगाया गया है, जो पिछले कई सालों से लाल ग्रह की मिट्टी और चट्टानों की जांच में जुटा है।

कनाडाई स्पेस एजेंसी ने ऑफिशियल इंस्टाग्राम अकाउंट पर पोस्ट कर एपीएक्सएस से जुड़े अपडेट साझा किए, एजेंसी के मुताबिक, एपीएक्सएस वैज्ञानिकों को यह समझने में मदद कर रहा है कि मंगल ग्रह की सतह किन तत्वों से बनी है और क्या वहां कभी जीवन के अनुकूल परिस्थितियां मौजूद थीं।

अल्फा पार्टिकल एक्स-रे स्पेक्ट्रोमीटर आकार में लगभग रूबिक क्यूब (3डी पजल) जैसा दिखता है। यह क्यूरियोसिटी रोवर की रोबोटिक भुजा के सिरे पर लगा हुआ है। जब रोवर किसी चट्टान या मिट्टी के नमूने के पास पहुंचता है, तब यह उपकरण उस नमूने के करीब जाकर उस पर एक्स-रे और अल्फा कणों की बौछार करता है। इसके बाद नमूने से निकलने वाली एनर्जी का अध्ययन कर वैज्ञानिक उसकी रासायनिक संरचना का पता लगाते हैं।

वैज्ञानिकों के अनुसार, एपीएक्सएस किसी नमूने में मौजूद सूक्ष्म से सूक्ष्म तत्व की पहचान करने में सक्षम है। किसी नमूने का विस्तृत विश्लेषण करने में इसे करीब दो से तीन घंटे लगते हैं, जबकि त्वरित जांच लगभग 10 मिनट में पूरी हो जाती है। यही कारण है कि यह उपकरण मंगल ग्रह की सतह पर लगातार महत्वपूर्ण वैज्ञानिक जानकारी जुटा रहा है।

साल 2024 में एपीएक्सएस ने एक बड़ी खोज में अहम भूमिका निभाई थी। क्यूरियोसिटी रोवर के एक चट्टान के ऊपर से गुजरने पर वह टूट गई थी, जिसके अंदर वैज्ञानिकों को शुद्ध सल्फर के क्रिस्टल मिले। मंगल ग्रह पर पहली बार इस तरह के क्रिस्टल मिलने से वैज्ञानिक काफी उत्साहित हुए थे। माना जा रहा है कि इस खोज से मंगल के पुराने वातावरण और वहां मौजूद प्राकृतिक परिस्थितियों को समझने में मदद मिलेगी।

कनाडाई स्पेस एजेंसी ने बताया कि एपीएक्सएस दिन और रात दोनों समय लगातार काम कर सकता है। यह उपकरण एक थर्मोइलेक्ट्रिक जनरेटर से संचालित होता है, जो एनर्जी पैदा करता है। इसी वजह से क्यूरियोसिटी रोवर को सौर ऊर्जा पर निर्भर नहीं रहना पड़ता और वह मंगल की कड़ाके की सर्दियों में भी सक्रिय रहता है।

1 फरवरी 2026 तक क्यूरियोसिटी रोवर मंगल ग्रह की सतह पर 36.2 किलोमीटर की दूरी तय कर चुका है। इस दौरान एपीएक्सएस ने हजारों वैज्ञानिक आंकड़े जुटाकर पृथ्वी तक पहुंचाए हैं। वैज्ञानिकों का मानना है कि इन जानकारियों से भविष्य में मंगल ग्रह पर मानव मिशनों की तैयारी और वहां जीवन की संभावनाओं को समझने में बड़ी मदद मिलेगी।

कनाडा ने इस मिशन में अपनी भागीदारी मार्च 2029 तक बढ़ा दी है। ऐसे में आने वाले वर्षों में एपीएक्सएस से और भी महत्वपूर्ण खोजों की उम्मीद की जा रही है।

 

Have something to say? Post your comment
कनाडा के वेनराइट सैन्य अड्डे में लगी भीषण आग में कई की मौत, पीएम कार्नी ने जताया दुख

: कनाडा के वेनराइट सैन्य अड्डे में लगी भीषण आग में कई की मौत, पीएम कार्नी ने जताया दुख

रूसी तेल पर छूट को लेकर रुबियो बोले-भारत अहम साझेदार, निर्भरता तुरंत खत्म करना आसान नहीं

: रूसी तेल पर छूट को लेकर रुबियो बोले-भारत अहम साझेदार, निर्भरता तुरंत खत्म करना आसान नहीं

रूसी तेल खरीद में राहत का रूस ने क‍िया स्‍वागत, अमेरिकी फैसले को बताया ऐतिहासिक कदम

: रूसी तेल खरीद में राहत का रूस ने क‍िया स्‍वागत, अमेरिकी फैसले को बताया ऐतिहासिक कदम

G20 बैठक में शाम‍िल होना चाहता है रूस, पुतिन का स्वागत करूंगा : राष्ट्रपति ट्रंप

: G20 बैठक में शाम‍िल होना चाहता है रूस, पुतिन का स्वागत करूंगा : राष्ट्रपति ट्रंप

लंदन में प्रवासी भारतीयों ने पीएम मोदी के समर्थन में निकाली रैली, ‘भारत माता की जय’, ‘मोदी- मोदी’ और ‘जय श्री राम’ नारे लगाए

: लंदन में प्रवासी भारतीयों ने पीएम मोदी के समर्थन में निकाली रैली, ‘भारत माता की जय’, ‘मोदी- मोदी’ और ‘जय श्री राम’ नारे लगाए

राष्ट्रपति ट्रंप ने रूसी तेल और गैस की खरीद पर प्रतिबंधों से जुड़े कानून के अमल पर रोक लगाई

: राष्ट्रपति ट्रंप ने रूसी तेल और गैस की खरीद पर प्रतिबंधों से जुड़े कानून के अमल पर रोक लगाई

भारत से नेपाल चाहता है 'बड़ी मदद', पीएम बालेन शाह के प्रस्तावित दौरे से पहले मिले संकेत

: भारत से नेपाल चाहता है 'बड़ी मदद', पीएम बालेन शाह के प्रस्तावित दौरे से पहले मिले संकेत

ट्रंप का यू-टर्न: 'ग्राहम एक्ट' लागू पर छूट का ऐलान, रूस से तेल खरीद पर भारत-चीन को फिलहाल टैरिफ से राहत

: ट्रंप का यू-टर्न: 'ग्राहम एक्ट' लागू पर छूट का ऐलान, रूस से तेल खरीद पर भारत-चीन को फिलहाल टैरिफ से राहत

भारत-यूएस व्यापार समझौता लगभग पूरा, दोनों सरकारें लगातार संपर्क में : अमेरिकी अधिकारी

: भारत-यूएस व्यापार समझौता लगभग पूरा, दोनों सरकारें लगातार संपर्क में : अमेरिकी अधिकारी

ईरान परमाणु हथियार नहीं बनाना चाहता, अमेरिका के सामने नहीं झुकेगा: राष्ट्रपति पेजेश्कियन

: ईरान परमाणु हथियार नहीं बनाना चाहता, अमेरिका के सामने नहीं झुकेगा: राष्ट्रपति पेजेश्कियन

X