बरनाला में सफाई कर्मचारियों पर हुए पुलिस लाठीचार्ज के बाद सियासत तेज हो गई है। पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग और पंजाब अनुसूचित जाति आयोग के चेयरमैन जसबीर सिंह गढ़ी एक बार फिर एक-दूसरे के खिलाफ खुलकर सामने आ गए हैं। दोनों नेताओं के बयानों से यह मामला राजनीतिक रंग लेता नजर आ रहा है।
राजा वडिंग हाल ही में अस्पताल पहुंचे थे, जहां उन्होंने घायल सफाई कर्मचारियों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने उनके इलाज के लिए एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया और कहा कि जरूरत पड़ने पर कांग्रेस पार्टी भी उनके इलाज में सहयोग करेगी।
वहीं, वडिंग के दौरे के कुछ समय बाद एससी आयोग के चेयरमैन जसबीर सिंह गढ़ी भी अस्पताल पहुंचे। उन्होंने सफाई कर्मचारियों से कहा कि इलाज की जिम्मेदारी सरकार उठाएगी और किसी राजनीतिक दल से आर्थिक मदद लेने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश देने की बात कही कि सभी घायलों का इलाज सरकारी खर्च पर कराया जाए और इसके लिए रेडक्रॉस सोसाइटी के माध्यम से आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाए।
गढ़ी ने राजा वडिंग पर निशाना साधते हुए कहा कि राजनीतिक दलों को मदद के नाम पर प्रचार करने से बचना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी ने आर्थिक सहायता दी है तो उसे लौटाने की जरूरत नहीं है, लेकिन इस तरह की मदद को भविष्य में राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए।
पुराना विवाद फिर चर्चा में
राजा वडिंग और जसबीर सिंह गढ़ी के बीच यह पहली बार टकराव नहीं हुआ है। दोनों नेताओं के बीच पहले भी कई मुद्दों पर तीखी बयानबाजी हो चुकी है।
इस विवाद की शुरुआत 2025 में उस समय हुई थी, जब चुनाव प्रचार के दौरान राजा वडिंग के एक बयान को लेकर दलित संगठनों ने आपत्ति जताई थी। इसके बाद शिकायतें दर्ज हुईं, मामला एससी आयोग तक पहुंचा और आयोग ने भी इस पर संज्ञान लिया। उस दौरान आयोग ने राजा वडिंग को पेश होने के लिए नोटिस जारी किया था, लेकिन उन्होंने आयोग के चेयरमैन पर निष्पक्षता को लेकर सवाल उठाते हुए उनके सामने पेश होने से इनकार कर दिया था। तब से दोनों नेताओं के बीच कई मुद्दों पर आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। बरनाला में घायल सफाई कर्मचारियों की मदद को लेकर सामने आए ताजा बयान उसी राजनीतिक टकराव की नई कड़ी माने जा रहे हैं।