चंडीगढ़ : चंडीगढ़ पुलिस ने नशे के खिलाफ अपने निरंतर अभियान और जीरो टॉलरेंस नीति के तहत सोमवार को मनीमाजरा में जागरूकता एवं संवाद कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यक्रम में आरडब्ल्यूए, एमडब्ल्यूए के पदाधिकारियों के साथ बड़ी संख्या में स्थानीय residents ने भाग लिया। कार्यक्रम का आयोजन डब्ल्यू/डीजीपी, डब्ल्यू/एसएसपी, यूटी चंडीगढ़ तथा डीएसपी नॉर्थ-ईस्ट राम गोपाल की निगरानी में किया गया। इसमें करीब 80 से 85 स्थानीय निवासियों ने सक्रिय भागीदारी की।
संवाद के दौरान वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने स्थानीय लोगों की समस्याओं और शिकायतों को गंभीरता से सुना। निवासियों ने मुख्य रूप से पार्किंग की समस्या, नाबालिगों द्वारा ई-रिक्शा चलाने तथा क्षेत्र में खाली पड़ी दुकानों एवं अन्य ढांचों का नशे के सेवन के लिए दुरुपयोग किए जाने का मुद्दा उठाया।
पुलिस अधिकारियों ने लोगों को आश्वस्त किया कि उनकी वास्तविक शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाएगा। साथ ही स्पष्ट किया कि नशा तस्करों तथा समुदाय की सुरक्षा और जनकल्याण को प्रभावित करने वाली गतिविधियों में संलिप्त लोगों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
चंडीगढ़ पुलिस ने स्थानीय निवासियों से अपील की कि वे नशा तस्करों, नशे के सेवन तथा असामाजिक तत्वों से जुड़ी किसी भी जानकारी को तत्काल पुलिस के साथ साझा करें। पुलिस ने भरोसा दिलाया कि सूचना देने वाले प्रत्येक व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।
चंडीगढ़ पुलिस ने दोहराया कि युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाने, नशे के नेटवर्क को ध्वस्त करने तथा मनीमाजरा सहित पूरे चंडीगढ़ को सुरक्षित और नशामुक्त बनाने के लिए अभियान पूरी दृढ़ता के साथ जारी रहेगा। कार्यक्रम में मौजूद निवासियों ने पुलिस की इस सक्रिय पहल की सराहना करते हुए नशे और असामाजिक गतिविधियों के खिलाफ अभियान में हरसंभव सहयोग देने का आश्वासन दिया।