चंडीगढ़ : पूर्व राज्यसभा सदस्य संजीव अरोड़ा को पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। हाईकोर्ट ने उनकी जमानत याचिका को खारिज कर दिया है। संजीव अरोड़ा ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा गिरफ्तार किए जाने के बाद हाईकोर्ट में जमानत के लिए अर्जी दी थी। ईडी द्वारा गिरफ्तारी के बाद 23 जून को जमानत याचिका दाखिल की गई थी और कोर्ट में काफी समय से इस पर बहस चल रही थी। गिरफ्तारी के बाद से ही संजीव अरोड़ा लगातार गुरुग्राम की जेल में बंद हैं।
संजीव अरोड़ा अप्रैल 2022 से जुलाई 2025 तक राज्यसभा सदस्य रहे हैं और वह मेसर्स हैम्पटन स्काई रियल्टी लिमिटेड (एचएसआरएल, पहले रितेश प्रॉपर्टीज एंड इंडस्ट्रीज लिमिटेड) के पूर्व चेयरमैन और प्रमोटर हैं। वह फिलहाल एचएसआरएल के मोबाइल फोन एक्सपोर्ट कारोबार में कथित अनियमितताओं से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गुरुग्राम की भोंडसी जेल में न्यायिक हिरासत में हैं।
मामला मई से अक्टूबर 2023 के बीच का है, जब एचएसआरएल ने 43 शिपमेंट में लगभग 102.50 करोड़ रुपए के एप्पल और सैमसंग डिवाइस यूएई के खरीदारों को एक्सपोर्ट किए थे। कंपनी ने इन लेनदेन पर जीएसटी रिफंड और कस्टम ड्यूटी ड्रॉबैक का दावा भी किया था, जिसे बाद में टैक्स अधिकारियों ने चुनौती दी। 2 करोड़ रुपए से अधिक का जीएसटी रिफंड अंततः नवंबर 2024 में खारिज कर दिया गया था।
याचिका में कहा गया है कि मामले ने आपराधिक मोड़ तब लिया जब एचएसआरएल ने खुद मई 2025 में कमाल अहमद, अजहर हैदर उर्फ मोंटी और अन्य के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई, जिसमें शेल कंपनियों के जरिए फर्जी तरीके से इनपुट टैक्स क्रेडिट लेने का आरोप लगाया गया था।