संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री शेख अब्दुल्ला बिन जायद अल नाहयान सोमवार शाम दो दिवसीय भारत दौरे पर पहुंचेंगे। इस दौरान वह मंगलवार को मुंबई में भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे। बैठक में दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने और विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है।
मुंबई में निर्धारित है द्विपक्षीय बैठक
विदेश मंत्रालय (एमईए) ने शेख अब्दुल्ला बिन जायद के दौरे का कार्यक्रम जारी किया है। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, वह सोमवार रात आठ बजे मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचेंगे। इसके बाद मंगलवार, 20 अक्टूबर को दोपहर 12 बजे उनकी मुलाकात विदेश मंत्री एस. जयशंकर से होगी। यह बैठक मुंबई के होटल ताज महल पैलेस में निर्धारित है।
व्यापक रणनीतिक साझेदारी पर होगी चर्चा
इस यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों और आपसी सहयोग से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। हालांकि, उपलब्ध कार्यक्रम में बैठक के एजेंडे का विस्तृत ब्योरा नहीं दिया गया है। दोनों देशों की व्यापक रणनीतिक साझेदारी के तहत ऊर्जा, व्यापार, निवेश, वित्तीय प्रौद्योगिकी, रक्षा और संपर्क जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर विचार-विमर्श हो सकता है। इसके अलावा, पश्चिम एशिया की स्थिति तथा वैश्विक और बहुपक्षीय मुद्दों पर भी चर्चा होने की उम्मीद है।
हाल ही में यूएई के दौरे पर गए थे जयशंकर
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने हाल ही में 14 से 16 अक्टूबर तक संयुक्त अरब अमीरात का दौरा किया था। इस दौरान उन्होंने यूएई के विदेश मंत्री शेख अब्दुल्ला बिन जायद अल नाहयान और अन्य वरिष्ठ नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठकें की थीं। इन बैठकों में क्षेत्रीय घटनाक्रम और दोनों देशों के बीच सहयोग से जुड़े मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया था।
व्यापार, निवेश और ऊर्जा सहयोग की हुई थी समीक्षा
अबू धाबी में हुई बैठक के दौरान दोनों नेताओं ने भारत-यूएई व्यापक रणनीतिक साझेदारी के तहत हुई प्रगति की समीक्षा की थी। साथ ही, व्यापार, निवेश, ऊर्जा, रक्षा सहयोग और वित्तीय प्रौद्योगिकी (फिनटेक) जैसे क्षेत्रों में संबंधों को और मजबूत करने पर चर्चा की थी।
जयशंकर ने अपनी यात्रा के दौरान अबू धाबी में आयोजित रायसीना मिडिल ईस्ट कार्यक्रम के दूसरे संस्करण में भी हिस्सा लिया था। इस कार्यक्रम में उन्होंने वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों पर विचार साझा किए थे। शेख अब्दुल्ला बिन जायद की मौजूदा भारत यात्रा को दोनों देशों के बीच उच्चस्तरीय संवाद और रणनीतिक सहयोग को आगे बढ़ाने के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।