नई दिल्ली : विश्व मल्टीपल स्क्लेरोसिस (MS) दिवस के अवसर पर देश के विभिन्न हिस्सों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इस क्रम में “मल्टीपल स्क्लेरोसिस सोसाइटी ऑफ इंडिया (MSSI)” की ओर से विशेष अभियान चलाया गया, जिसका उद्देश्य लोगों को इस गंभीर न्यूरोलॉजिकल बीमारी के बारे में जागरूक करना और समय पर पहचान व इलाज को बढ़ावा देना है।
इस वर्ष MS डे की थीम के तहत विभिन्न राज्यों में ऑनलाइन और ऑफलाइन कार्यक्रम, सेमिनार, वेबिनार, स्वास्थ्य शिविर और जागरूकता अभियानों का आयोजन किया जा रहा है। दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, कोलकाता सहित कई शहरों में विशेषज्ञों, मरीजों, देखभाल करने वालों और आम नागरिकों ने इसमें भाग लिया।
कार्यक्रमों में डॉक्टरों ने बताया कि मल्टीपल स्क्लेरोसिस एक दीर्घकालिक (क्रॉनिक) न्यूरोलॉजिकल बीमारी है, जो मुख्य रूप से युवा उम्र के लोगों को प्रभावित करती है। इसके लक्षणों में कमजोरी, चलने-फिरने में दिक्कत, दृष्टि संबंधी समस्याएं और थकान शामिल हो सकती हैं।
विशेषज्ञों ने यह भी जोर दिया कि शुरुआती पहचान और सही इलाज से मरीजों का जीवन काफी हद तक सामान्य बनाया जा सकता है। साथ ही समाज में इस बीमारी को लेकर जागरूकता बढ़ाना बेहद जरूरी है ताकि मरीजों के प्रति भेदभाव कम हो सके।
MSSI की ओर से आयोजित इन अभियानों का मुख्य उद्देश्य “Navigating MS Together” संदेश को आगे बढ़ाना है और मरीजों के लिए बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं व सामाजिक सहयोग सुनिश्चित करना है।