शिमला : भाजपा के प्रदेश प्रभारी एवं मथुरा से विधायक श्रीकांत शर्मा ने स्पीति मंडल की संगठनात्मक बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने लाहौल-स्पीति जैसे दुर्गम एवं सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। केंद्र सरकार की हजारों करोड़ रुपये की परियोजनाओं से सड़क संपर्क, पर्यटन, रोजगार और सामरिक सुरक्षा को नई मजबूती मिली है।
श्रीकांत शर्मा ने कहा कि लगभग 3,200 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित 9.02 किलोमीटर लंबी अटल टनल रोहतांग मोदी सरकार की ऐतिहासिक उपलब्धि है। वर्ष 2020 में राष्ट्र को समर्पित इस सुरंग से मनाली-लेह की दूरी लगभग 46 किलोमीटर कम हुई और यात्रा समय में चार से पांच घंटे की बचत संभव हुई। इससे लाहौल घाटी के लोगों को बड़ी सुविधा मिली है।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा लगभग 1,400 करोड़ रुपये की सुमदो-काजा-ग्राम्फू सड़क चौड़ीकरण परियोजना स्पीति क्षेत्र के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। सीमा सड़क संगठन के माध्यम से इस रणनीतिक मार्ग को बेहतर बनाने की योजना है। इसके अतिरिक्त केंद्र सरकार के वाइब्रेंट विलेजेज कार्यक्रम में स्पीति क्षेत्र के 20 गांव शामिल किए गए हैं, जिनमें सड़क, संचार, पर्यटन और आजीविका सुविधाओं को विकसित करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
श्रीकांत शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के चौथे चरण में हिमाचल प्रदेश के लिए 2,247 करोड़ रुपये से अधिक की 294 सड़क परियोजनाएं स्वीकृत की गई हैं, जिनमें लाहौल-स्पीति की दो सड़कें भी शामिल हैं।
बैठक में नशे और चिट्टे के बढ़ते कारोबार पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए श्रीकांत शर्मा ने कांग्रेस सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि हिमाचल प्रदेश में नशा तस्करी के खिलाफ पर्याप्त कठोर कार्रवाई नहीं हो रही है। उन्होंने कहा कि पंजाब और हिमाचल में नशे के नेटवर्क को समाप्त करने के लिए सरकारों को राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर काम करना चाहिए।